Sukhbir Singh Badal: सुखबीर बादल की 10 दिन की सजा पूरी, अकाल तख्त पर टेका मत्था
पंजाब के पूर्व उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने शुक्रवार को धार्मिक दंड की अवधि पूरी होने के बाद अकाल तख्त पर मत्था टेका। इस दौरान शिरोमणि अकाली दल के नेता व पूर्व डिप्टी सीएम के साथ उनके पूर्व मंत्रिमंडल सहयोगी भी शामिल हुए। इस दौरान बादल कड़ी सुरक्षा के साथ स्वर्ण मंदिर पहुंचे। इस दौरान पैर में फ्रैक्चर के कारण, वे व्हीलचेयर का उपयोग कर रहे थे। मंदिर परिसर के पास भारी पुलिस बल तैनात देखा गया।
शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल ने 2 दिसंबर को अकाल तख्त के निर्देश के बाद यह धार्मिक तपस्या की। बता दें उन्हें स्वर्ण मंदिर में जूठे बर्तन धोने का दंड दिया गया था। बता दें कि अकाल तख्त ने ये निर्देश शिरोमणि अकाली दल और पंजाब में 2007 से 2017 के बीच उनकी सरकार द्वारा की गई गलतियों से संबंधित थी। 4 दिसंबर को अपनी तपस्या के दौरान, बादल बाल-बाल बचे जब पूर्व खालिस्तानी आतंकवादी नारायण सिंह चौरा ने उन पर गोली चलाई लेकिन चूक गया। चौरा को बाद में गिरफ्तार कर लिया गया।

अकाल तख्त ने बादल को स्वर्ण मंदिर के गुरु राम दास लंगर हॉल सामुदायिक रसोई में सेवा करने का निर्देश दिया। उनके कर्तव्यों में एक घंटे तक बर्तन और श्रद्धालुओं के जूते साफ करना और कीर्तन सुनना शामिल था। इसके अतिरिक्त, उन्हें दो-दो दिनों के लिए तख्त केसगढ़ साहिब, तख्त दमदमा साहिब, मुक्तसर में दरबार साहिब और फतेहगढ़ साहिब में सेवादार के रूप में काम सौंपा गया था।
इन सेवाओं के दौरान, दोषी अकालियों ने अपनी गलती को स्वीकार करते हुए गुरुवाणी के साथ एक पट्टिका पहनी थी। बादल के साथ, बलिंदर सिंह भंडर, गुलजार सिंह रानिके और दलजीत सिंह चीमा जैसे पार्टी नेता तपस्या की अरदास में शामिल हुए।












Click it and Unblock the Notifications