हाईकोर्ट में बोली सरकार, Subramanian Swamy सरकारी आवास छोड़ेंगे, निजी आवास में पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम
Subramanian Swamy सरकारी आवास छोड़ेंगे, हाईकोर्ट में बोली केंद्र सरकार, निजी आवास में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम। Subramanian Swamy delhi high court private residence security govt accommodation possession
Subramanian Swamy सरकारी आवास छोड़ेंगे। पूर्व भाजपा सांसद राज्य सभा से रिटायरमेंट के बाद अब अपने निजी आवास में शिफ्ट होने वाले हैं। आवास पर सुरक्षा इंतजाम के संबंध में दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका पर सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने बताया कि स्वामी के निजी आवास पर पर्याप्त सुरक्षा बंदोबस्त कर दिए गए हैं।

5 नवंबर शनिवार को सरकारी आवास का कब्जा सौंपेंगे
गुरुवार को केंद्र ने दिल्ली उच्च न्यायालय को बताया कि भाजपा के पूर्व सांसद सुब्रमण्यम स्वामी के निजी आवास पर सुरक्षा संबंधी सभी इंतजाम किए गए हैं। एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (ASG) ने हाईकोर्ट को बताया कि स्वामी के निजी आवास पर सिक्योरिटी के इंतजाम और व्यवस्थाओं से सुरक्षा एजेंसियां भी संतुष्ट हैं। इस पर सुब्रमण्यम स्वामी ने अदालत को आश्वासन दिया कि वह 5 नवंबर शनिवार को सरकारी आवास का कब्जा सौंप देंगे। बता दें कि राज्य सभा से रिटायरमेंट के बाद सरकारी आवास खाली करने का प्रावधान है। इसी आधार पर स्वामी सरकारी आवास की सुविधा छोड़ने वाले हैं।
स्वामी को मिली है जेड श्रेणी सुरक्षा
इस तथ्य को ध्यान में रखा गया है कि स्वामी को जेड श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है। हाईकोर्ट में सरकारी आश्वासन के बाद सुब्रमण्यम स्वामी के वरिष्ठ वकील ने अदालत को आश्वासन दिया कि याचिकाकर्ता शनिवार को Estate officer को सूचना देने के बाद सरकारी बंगला खाली कर देंगे।
आगे और पीछे के दरवाजों पर पर्याप्त इंतजाम
न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की पीठ को अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल संजय जैन ने बताया कि स्वामी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी व्यवस्थाएं उनके निजी आवास पर की गई हैं। अदालत को यह भी बताया कि डीआईजी और सीआरपीएफ भी अदालत को आश्वस्त करने के लिए मौजूद हैं कि आगे और पीछे के प्रवेश द्वार सहित सभी व्यवस्थाएं कर ली गई हैं।
6 गार्ड रखे जा सकते हैं
केंद्र सरकार के जवाब के बाद सुब्रमण्यम स्वामी के वकील ने इस दलील पर आपत्ति जताई और कहा कि कोई बुनियादी ढांचागत कदम नहीं उठाया गया है। केंद्र के वकील ने कहा कि स्थायी गार्ड की प्रतिनियुक्ति होने पर आराम करने और अन्य चीजों की कुछ जगह होनी चाहिए। ऐसा न होने पर 6 गार्ड रखे जा सकते हैं, जिनकी ड्यूटी को रोटेट किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर जगह नहीं है तो हम पहरेदारों के लिए टेंट जैसी कुछ वैकल्पिक व्यवस्था कर सकते हैं। गार्ड को सबकुछ मिलेगा, जिसका वह हकदार होगा।
स्वामी के शिफ्ट होने पर सिक्योरिटी ! कोर्ट ने पूछा- पहले क्यों नहीं
पीठ ने केंद्र से पूछा, आप कब करेंगे ? इस पर वकील ने कहा, जब स्वामी निजी आवास में शिफ्ट हो जाएंगे उसके बाद। कोर्ट ने आपत्ति जताते हुए सवाल किया 'क्या आप इसे एक साथ नहीं कर सकते ?
गार्ड रूम के इंतजाम का सवाल
कोर्ट ने कहा, ''वहां गार्ड रूम ठीक करें। वहां गार्ड रूम बनाने में क्या दिक्कत है?'' इस पर केंद्र के वकील ने कहा कि निजी कॉलोनी में हर व्यक्ति के मामले में यह संभव नहीं है। इस पर कोर्ट ने कहा, "वह सिर्फ कोई व्यक्ति नहीं है, उन्हें आपने जेड श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की थी।"
स्वामी दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचे
बता दें कि स्वामी ने 27 अक्टूबर को उच्च न्यायालय का रुख किया था। उन्होंने दावा किया था कि अदालत के समक्ष आश्वासन के अनुसार केंद्र सरकार उनके निजी आवास पर पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम करने में विफल रही है। स्वामी के वकील ने कहा, आवेदक को जेड-श्रेणी सुरक्षा सुरक्षा प्राप्त है।
दोबारा मांगा था सरकारी आवास
स्वामी को सरकारी बंगला जनवरी 2016 में आवास आवंटित किया गया था। सांसद के रूप में उनका कार्यकाल अप्रैल 2022 में समाप्त हो गया था। उन्होंने 5 साल की अवधि बीत जाने के बाद सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए सरकारी आवास को दोबारा आवंटित करने की मांग की थी।
हाईकोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा था
गौरतलब है कि विगत 14 सितंबर को दिल्ली हाईकोर्ट ने भाजपा के पूर्व राज्यसभा सदस्य सुब्रमण्यम स्वामी को निर्देश दिया था कि छह सप्ताह में सरकारी बंगला खाली करें। स्वामी ने कहा था कि केंद्र उनके निजी आवास पर सुरक्षा व्यवस्था करने में विफल रहा है। गुरुवार को कोर्ट के आखिरी आदेश के बाद केंद्र सरकार ने इस मामले में हलफनामा दाखिल किया। दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को केंद्र सरकार को निर्देश दिया था कि वह अदालत को आश्वस्त करने के लिए एक बेहतर और अधिक व्यापक हलफनामा दाखिल करे, जिसमें स्वामी द्वारा अपने निजी आवास में उठाई गई सुरक्षा चिंताओं का विधिवत जवाब दिया जाए।
पीएम मोदी और शाह पर स्वामी के आरोप
यह भी दिलचस्प है कि अपनी मुखर और बेबाक राय के लिए लोकप्रिय स्वामी पीएम मोदी और शाह पर हत्या की साजिश जैसे गंभीर आरोप लगा चुके हैं। ऐसे में दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से स्वामी की सुरक्षा के बारे में सीधा सवाल किया था। इन्हीं सवालों पर केंद्र सरकार ने हाईकोर्ट में जवाब दाखिल किया है। स्वामी ने गत 31 अक्टूबर को सनसनीखेज बयान दिया था, इसमें उन्होंने कहा था कि हरेन पंड्या की तरह उनकी भी हत्या कराई जा सकती है। उन्होंने एक ट्वीट में लिखा था, उन्हें आशा है कि मोदी-शाह उनका हश्र हरेन पंड्या जैसा करने की योजना नहीं बना रहे। मैं लोगों को उतना ही अच्छा रिटर्न करता हूं, जितना मुझे उनसे मिलता है।












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