हवा में फैले कोरोना वायरस के कणों से भी फैलता है संक्रमण: स्टडी
नई स्टडी में दावा-
नई दिल्ली, 4 मई: पूरी दुनिया दो साल से ज्यादा समय से जूझ रही है। इस वायरस को लेकर लगातार नए-नए अध्ययन आ रहे हैं लेकिन अभी तककोरोना वायरस (SARS-CoV-2) के फैलने को लेकर कोई सटीक बात सामने नहीं आ सकी है। अब नई स्टडी में कहा गया है कि हवा में फैले कोरोना वायरस के कणों (विषाणुओं) के माध्यम से भी संक्रमण फैल सकता है।

हैदराबाद और मोहाली के अस्पतालों के साथ CSIR-CCMB हैदराबाद और CSIR-IMTech चंडीगढ़ के वैज्ञानिकों ने ये स्टडी की है। इस अध्ययन में वैज्ञानिकों ने पाया है कि SARS-CoV-2 हवा से भी फैल सकता है। ये स्टडी जर्नल ऑफ एरोसोल साइंस में प्रकाशित हुआ है।
वैज्ञानिकों ने अस्पतालों और कोरोना रोगियों के रहने वाले क्षेत्रों से एकत्र किए गए हवा के नमूनों से कोरोना वायरस की जीनोम सामग्री का विश्लेषण किया तो पाया कि कोरोना रोगियों के आसपास हवा में वायरस का प्रसार होता है। ऐसे परिसर में मौजूद रोगियों की संख्या के साथ कोरोना सकारात्मकता दर ज्यादा देखी गई। अध्ययन में शामिल वैज्ञानिक शिवरंजनी मोहरीर ने कहा कि आईसीयू के साथ-साथ अस्पतालों के गैर-आईसीयू वार्डों में भी वायरस पाया। अध्ययन में यह भी पाया गया कि हवा में वाइबल कोरोनावायरस भी पाया गया जो जीवित कोशिकाओं को भी संक्रमित कर सकता है।
मोहरीर ने कहा कि हमारे नतीजे बताते हैं कि बंद जगहों में वेंटिलेशन के अभाव में कोरोना वायरस कुछ समय के लिए हवा में रह सकता है। स्टडी के आधार पर वैज्ञानिकों ने कोरोना वायरस के बढ़ रहे प्रसार को बताते हुए फेस मास्क पहनने का सुझाव दिया है।












Click it and Unblock the Notifications