जिस शातिर लड़की पर बनी हैं कंगना की फिल्म 'सिमरन', उसके कारनामें पूरे अमेरिका में मशहूर
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नई दिल्ली। बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत की बहुप्रतिक्षीत फिल्म 'सिमरन' आज सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। ये फिल्म अमेरिका में रहने वाली भारतीय मूल की संदीप कौर पर आधारित है जो वहां की जेल में अपनी सजा काट रही है। संदीप अमेरिका में बॉम्बशेल बैंडिट और गैंबलिंग क्वीन के नाम से मशहूर है। आइए बताते हैं कौन हैं संदीप कौर...


19 साल की उम्र में बन गई थी नर्स
संदीप का जन्म 11 नवंबर को चंढीगढ़ में हुआ था। जब वो सात साल की थीं, तभी उनका परिवार पिता के पास अमेरिका चला गया था। वो नर्स से इतनी प्रभावित हो गई थीं कि 14 साल की उम्र में ही उन्होंने ठान लिया था कि वो नर्स बनेंगी। 19 साल की उम्र में संदीप के पास नर्सिंग का लाइसेंस आ गया था। (फोटो साभार : बीबीसी)

मंदी में कमाए करोड़ों रुपये
20 साल की उम्र में संदीप ने नर्सिंग में ग्रेजुएशन करने के लिए अपना घर छोड़ दिया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक संदीप ने 2008 में स्टॉक मार्केट में इंवेस्ट किया था। ये वो दौर था जब पूरी दुनिया मंदी से जूझ रही थी। तब संदीप ने मार्केट से लगभग डेढ़ करोड़ रुपये कमाए थे।

21 जन्मदिन ने बदल दी जिंदगी
संदीप के 21वें जन्मदिन ने उनकी जिंदगी हमेशा के लिए बदल दी। जन्मदिन का जश्न मनाने संदीप अपने भाई के साथ लास वेगस पहुंची थीं। वेगस पूरी दुनिया में अपने कैसिनो के लिए मशहूर है। यहां रोजाना करोड़ों-अरबों का बिजनेस होता है। संदीप ने यहां पहली ही बाजी में ढाई लाख रुपये जीते। इसके बाद वो बाजी पर बाजी लगाती गई।

जब आया संदीप का बुरा वक्त
जुए की लत ऐसी होती है जो छुड़ाए नहीं छूटती। संदीप को भी ये लत लग चुकी थी और इसके लिए उसने अपनी नौकरी भी छोड़ दी थी। संदीप जुए से काफी पैसे कमा रही थीं लेकिन कहते हैं न कि किस्मत हमेशा साथ नहीं देती। धीरे-धीरे संदीप जुए में पैसे हारने लगी।

चढ़ चुका था 38 लाख का कर्ज
अपनी हर हारी हुई बाजी के पैसे वसुलने के लिए वो नई बाजी चलती लेकिन उसकी बंद हो चुकी किस्मत खुलने का नाम ही नहीं ले रही थी। वो पूरी तरह से कर्जे में डूब चुकी थी। एक इंटरव्यू में संदीप ने बताया था कि उसने साल 2011 में अपने परिवार को बताया कि वो कर्जे में है। जुए के कारण संदीप पर 38 लाख रुपये का कर्जा चढ़ चुका था।

शादी में मिले पैसे भी खर्च किए जुए में
कर्ज देने वालों ने संदीप को परेशान करना शुरू कर दिया। इनसे बचने के लिए संदीप वेगस से भागकर कैलिफॉर्निया आ गईं। पैसे चुकाने के लिए उसने फिर से नर्स की नौकरी करनी शुरू कर दी और हफ्ते में 96 घंटे काम करती थी। सितंबर 2013 में संदीप ने अपने पसंद के लड़के से शादी की जो हर हफ्ते उसे खर्च के लिए 64 हजार रुपये देता था। संदीप ने अपने अतीत से कोई सीख नहीं ली और ये पैसे भी जुए में उड़ा दिया। ये शादी एक साल भी नहीं टिक पाई।

पैसे चुकाने के लिए लूटा बैंक
जिन लोगों से संदीप ने कर्ज लिया था, उन्होंने उसे ढूंढ निकाला और जल्द से जल्द पैसे चुकाने को कहा। उन लोगों ने संदीप को कहा कि वो चाहे घर लूटे या बैंक, लेकिन उनके पैसे वापस करे। इसके ठीक एक हफ्ते बाद संदीप ने अपनी पहली चोरी की। संदीप ने एक के बाद एक कई चोरियां की। इन चोरियों पर लगाम तब लगी जब संदीप सेंट जॉर्ज का यूएस बैंक लूट रही थी। अपने कारनामों के कारण सभी उसे बॉम्बशेल बैंडिट बुलाने लगे।

हर जुर्म के लिए मिली 20 साल की सजा
संदीप को हर चोरी के लिए 20 साल की सजा सुनाई गई और हर अपराध के लिए उसपर 1 करोड़ 60 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। हालांकि संदीप के वकील ने ये कहकर उसकी सजा कम करा ली कि उसने अपने जीवन में काफी कुछ सहा है, इसलिए उसे इतनी कठोर सजा न दी जाए। संदीप अमेरिकी जेल में 66 महीने की सजा काट रही हैं। उनकी इसी पूरी कहानी को दिखाएगी हंसल मेहता की फिल्म 'सिमरन'।












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