'जासूस' ज्योति मल्होत्रा किसके बुलाने पर गई केरल, सरकार ने उठाया लग्जरी खर्चा! अब RTI खुलासे ने मचाया तूफान
'Spy' Jyoti Malhotra Kerala: पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार हरियाणा की ट्रैवल व्लॉगर ज्योति मल्होत्रा को लेकर एक नया खुलासा हुआ है, जिसने केरल की सरकार को विपक्ष के निशाने पर ला खड़ा किया है। एक RTI (सूचना का अधिकार) के तहत सामने आया है कि ज्योति मल्होत्रा को केरल पर्यटन विभाग ने राज्य की छवि को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमोट करने के लिए चलाए गए एक इन्फ्लुएंसर कैंपेन के तहत राज्य की मेहमान के रूप में आमंत्रित किया था।
RTI के तहत दायर की गई एक याचिका के जवाब में सामने आया है कि ज्योति राज्य सरकार के निमंत्रण पर केरल गई थी। केरल सरकार में टूरिज्म मिनिस्टर पीए मोहम्मद रियाज ने भी इस बात की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि ज्योति समेत कई ट्रैवल व्लॉगर को केरल बुलाया गया था, ताकि वे केरल के टूरिज्म को बढ़ा सके और इन सभी का खर्चा राज्य सरकार ने उठाया था।

इसी विवाद के बीच ज्योति मल्होत्रा ने सोमवार (7 जुलाई को) को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हिसार कोर्ट में पेश किया गया था। कोर्ट ने उनकी न्यायिक हिरासत 14 दिनों के लिए बढ़ा दी, और उन्हें 21 जुलाई तक जेल में रखने का आदेश दिया है। ज्योति मल्होत्रा को हिसार पुलिस ने 16 मई को उनके आवास से हिरासत में लिया था। फिलहाल वह पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों से कथित संपर्क को लेकर जांच के घेरे में हैं।
RTI से क्या हुआ खुलासा?
Mathrubhumi अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, RTI से पता चला है कि केरल सरकार ने 41 इन्फ्लुएंसर्स को केरल बुलाया था और
उनके ट्रैवल, ठहरने और खाने का खर्च वहन किया था। इन सभी को राज्य की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विविधता को प्रमोट करने के उद्देश्य से आमंत्रित किया गया था। इन्हीं में से एक थीं ज्योति मल्होत्रा, जो अब पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों की एजेंट होने के आरोप में गिरफ्तार हैं।
केरल में कहां-कहां गई थीं ज्योति मल्होत्रा?
ज्योति ने केरल यात्रा के दौरान कोच्चि, कन्नूर, कोझिकोड, अलप्पुझा, मुन्नार और तिरुवनंतपुरम जैसे प्रमुख स्थानों का दौरा किया। उन्होंने थेय्यम नृत्य, बैकवॉटर्स और प्राकृतिक स्थलों पर व्लॉग बनाए, जिन्हें उनके यूट्यूब चैनल Travel with Jo और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर साझा किया गया। ज्योति ने 31 जनवरी 2025 को यूट्यूब चैनल पर वीडियो अपलोड किया था। ज्योति केरल के जांदरी रिवरस्केप्स हाउसबोट में ठहरी थीं। वहां एक रात रुकने का किराया 15 हजार रुपये है। ये खर्चा सरकार ने उठाया था।
केरल के पर्यटन मंत्री का बचाव, 'हमें क्या पता था वो जासूस है'
केरल के पर्यटन मंत्री पीए मोहम्मद रियाज बोले, '
'हमने यूट्यूबर्स को साफ नीयत के साथ केरल में टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए बुलाया था। पहले से हम ऐसा करते आए हैं। आपको क्या लगता है हमने ज्योति को जासूसी के लिए यहां बुलाया था, हमें पहले से क्या पता था कि उसपर जासूसी के आरोप लगने वाले हैं।''
पीए मोहम्मद रियास ने सफाई देते हुए कहा,
"ज्योति को अन्य इन्फ्लुएंसर्स के साथ राज्य के प्रमोशन के लिए बुलाया गया था। यह सब कुछ पारदर्शिता के तहत किया गया। कोई यह पहले से कैसे जान सकता था कि वह जासूस है? सरकार ने कभी जानबूझकर किसी जासूस को आमंत्रित नहीं किया। यह पूरी तरह से प्रोपेगेंडा है।"
विपक्ष का तीखा हमला, 'पाक जासूसों को रेड कार्पेट पर बुलाया गया'
भाजपा और कांग्रेस दोनों विपक्षी दलों ने इस मामले को लेकर केरल सरकार की आलोचना की है। भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने एक्स (Twitter) पर लिखा,
"RTI बताता है कि पाकिस्तानी जासूस ज्योति मल्होत्रा को केरल की वामपंथी सरकार ने बुलाया और सरकारी मेहमान की तरह सम्मान दिया। भारत माता की नारेबाजी रोकी जाती है और पाक जासूसों को रेड कार्पेट पर बुलाया जाता है? पर्यटन मंत्री मोहम्मद रियास, जो मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के दामाद हैं, उन्हें बर्खास्त कर जांच होनी चाहिए।"
भाजपा नेता के. सुरेन्द्रन ने भी कहा,
"ये मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है। उस समय हमने पूछा था कि उन्हें नौसेना अकादमी, कोचीन शिपयार्ड जैसे संवेदनशील स्थलों पर जाने की अनुमति किसने दी? अब सरकार कह रही है कि उन्हें कुछ पता ही नहीं था। हम इस पूरे मामले की गंभीर जांच की मांग करते हैं।"
क्या था ज्योति मल्होत्रा का असली मकसद?
33 वर्षीय ज्योति मल्होत्रा को मई 2025 में गिरफ्तार किया गया था, जब पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर के बाद जांच एजेंसियों को उनके पाकिस्तान से संपर्क के सबूत मिले। पुलिस के मुताबिक उन्हें पाकिस्तानी एजेंसियां बतौर "एसेट" तैयार कर रही थीं। लाहौर में उनके एक वीडियो ने भी संदेह बढ़ाया, जिसमें वह AK-47 से लैस सुरक्षाकर्मियों के बीच दिख रही थीं। अब एजेंसियां यह जांच कर रही हैं कि क्या उनके व्लॉग्स के जरिए वे संवेदनशील सूचनाएं एकत्र कर रही थीं?
ज्योति मल्होत्रा जासूसी मामले में अब तक क्या-क्या पता चला है?
🔴 ज्योति मल्होत्रा को 16 मई को हिसार पुलिस ने उनके निवास न्यू अग्रसेन एक्सटेंशन से गिरफ्तार किया था। उन पर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े गंभीर आरोप लगाए गए हैं। उन्हें आधिकारिक गुप्त अधिनियम (Official Secrets Act) और भारतीय दंड संहिता के अद्यतन संस्करण, भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमे का सामना करना पड़ रहा है।
🔴 जांचकर्ताओं के मुताबिक ज्योति मल्होत्रा का संपर्क एहसान-उर-रहीम नामक व्यक्ति से था, जो नई दिल्ली स्थित पाकिस्तान उच्चायोग में कार्यरत था और "दानिश" के नाम से भी जाना जाता है। यह संपर्क नवंबर 2023 में शुरू हुआ था और समय के साथ गहराता गया। भारत सरकार ने दानिश को 13 मई को जासूसी के आरोपों में देश से निष्कासित कर दिया था-और उसके कुछ ही दिन बाद ज्योति की गिरफ्तारी हुई।
🔴 पुलिस का मानना है कि ज्योति मल्होत्रा की पाकिस्तानी एजेंसियों से बढ़ती नजदीकियां भारत की आंतरिक सुरक्षा के लिए संभावित खतरा बन सकती थीं, जिस कारण त्वरित कानूनी और जांच कार्रवाई की गई।
🔴 पुलिस सूत्रों के मुताबिक ज्योति मल्होत्रा ने अब तक तीन बार पाकिस्तान की यात्रा की, और वहां से संबंधित व्लॉग्स को अपने यूट्यूब चैनल "Travel with Jo" और इंस्टाग्राम पर साझा किया। इनमें से एक लाहौर यात्रा का वीडियो गिरफ्तारी के बाद वायरल हो गया, जिसमें उनकी विशेष सुरक्षा व्यवस्था और सरकारी स्तर की सुविधा को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
🔴 वीडियो में ज्योति लाहौर की गलियों में घूमती नजर आती हैं और एक भारतीय पर्यटक के रूप में अपने अनुभव साझा करती हैं। लेकिन जो बात सबसे ज्यादा चौंकाने वाली रही, वह यह थी कि पूरे समय उनके साथ बंदूकधारी सुरक्षा गार्ड तैनात थे। एक दृश्य में तो लाहौर की ट्रैफिक को रोक दिया गया, ताकि उनका काफिला बिना किसी रुकावट के आगे बढ़ सके-जो आमतौर पर उच्च-स्तरीय सरकारी मेहमानों के लिए होता है।












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