पुलवामा हमले के बाद जम्मू श्रीनगर हाइवे की सुरक्षा के लिए नया सिक्योरिटी ग्रुप
श्रीनगर। जम्मू कश्मीर पुलिस की ओर से जम्मू श्रीनगर हाइवे की सुरक्षा के लिए एक खास सिक्योरिटी ग्रुप बनाया गया है। जम्मू कश्मीर पुलिस के डीआईजी दिलबाग सिंह की ओर से सोमवार को इस बात की जानकारी दी गई। 14 फरवरी को पुलवामा आतंकी हमला जम्मू-श्रीनगर हाइवे पर ही हुआ था। इस हाइवे से गुजरने वाले सीआरपीएफ काफिले को ही निशाना बनाया गया था। हमले में 40 सीआरपीएफ जवान शहीद हो गए थे।

270 किलोमीटर लंबा हाइवे
जम्मू-श्रीनगर हाइवे 270 किलोमीटर लंबा है और पुलवामा आतंकी हमल के बाद से ही इस हाइवे की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे थे। पुलिस की ओर से बताया गया है कि अब इस हाइवे की सुरक्षा के लिए एक स्टडी ग्रुप तैयार किया गया है। यह स्टडी ग्रुप उन उपायों की जानकारी देगा जो हाइवे की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने से जुड़े होंगे। दिलबाग सिंह ने बताया कि पुलिस ने 14 फरवरी को पुलवामा हमले के बाद से दो आत्मघाती हमलों की साजिश को नाकाम किया है।

स्टडी ग्रुप करेगा हाइवे का सर्वे
डीआईजी सिंह ने जानकारी दी कि अगले दो दिनों तक स्टडी ग्रुप हाइवे का सर्वे करेगा। इसके बाद वह सुरक्षा तंत्र से जुड़े अहम उपायों की जानकारी देगा। गौरतलब है कि 30 मार्च को भी बनिहाल में सैंट्रो कार सीआरपीएफ की बस से टकरा गई थी। टकराने के बाद कार में ब्लास्ट हो गया था। हालांकि काफिले में सवार किसी भी जवान को कोई नुकसान नहीं हुआ था। इस ब्लास्ट को हिजबुल मुजाहिद्दीन के आतंकी ओवैस ने अंजाम दिया था। ओवैस, पुलवामा की तर्ज पर ही इस हमले को पूरा करना चाहता था।

पूरे देश से कश्मीर को जोड़ता जम्मू श्रीनगर हाइवे
जम्मू श्रीनगर हाइवे, कश्मीर का वह हाइवे है जो घाटी को पूरे देश से जोड़ता है। इस हाइवे पर हमेशा ट्रैफिक रहता है। सुरक्षाबलों के वाहनों के अलावा यहां से आम गाड़ियां भी गुजरती हैं। डीआईजी दिलबाग सिंह ने कहा, 'पुलिस हमेशा से हाइवे से गुजरने वाले लोगों जिसमें सुरक्षाबलों के काफिले भी शामिल हैं, उनकी सुरक्षा को लेकर चिंतित रहती है। बनिहाल हमले के बाद पुलिस को सही समय पर जानकारी मिली। सेना और सीआरपपीएफ की मदद से हमले के दोषी को सही समय पर पकड़ा जा सका।'












Click it and Unblock the Notifications