सपा-बसपा ने तय किया यूपी में गठबंधन फॉर्मूला, मायावती खुद लड़ेंगी चुनाव, राहुल-सोनिया की सीटें छोड़ेंगे
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नई दिल्ली। सपा और बसपा ने लोकसभा चुनाव के लिए होने जा रहे गठबंधन को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। साथ ही उत्तर प्रदेश की रायबरेली और अमेठी सीट से सोनिया गांधी और राहुल गांधी का समर्थन करने का भी फैसला किया है। टाइम्स ऑफ इंडिया ने अपने सूत्रों के हवाले से ये खबर दी है। दोनों पार्टियां इस गठबंधन में कांग्रेस के लिए कितनी सीटें छोड़ेंगी, हालांकि अभी ये तय नहीं हुआ है।

मायावती और अखिलेश यादव लगातार संपर्क में
सूत्रों ने बताया है कि बसपा सुप्रीमो मायावती और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव लगातार एक दूसरे के संपर्क में हैं। साथ ही दोनों में से किसी ने भी किसी खास इलाके के लिए जिद नहीं की है। सपा के मुखिया अखिलेश यादव, आरएलडी और निषाद पार्टी जैसे छोटे दलों को भी इस गठबंधन में कुछ सीटें दिए जाने के हिमायती हैं। खबरें तो ये भी हैं कि भाजपा सरकार में शामिल एसबीएसपी भी इस गठबंधन में शामिल हो सकती है। इस पार्टी के मुखिया और यूपी के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर खुले तौर पर योगी सरकार के खिलाफ नाराजगी जाहिर कर चुके हैं।

सोनिया गांधी और राहुल गांधी की सीटों पर समर्थन देने का फैसला
गठबंधन को मजबूत दिखाने के लिए सभी बड़े नेताओं ने खुद चुनाव लड़ने का फैसला किया है। अखिलेश यादव, उनके पिता मुलायम सिंह यादव और बसपा सुप्रीमो मायावती खुद लोकसभा चुनाव मैदान में उतरेंगी। जिससे गठबंधन के समर्थकों के बीच एक सकारात्मक संदेश जाए। मायावती 2004 के बाद कोई लोकसभा चुनाव लड़ेंगीं।

यूपी में महागठबंधन पर क्या बोले अखिलेश यादव
आगरा में मीडिया से बात करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि एसपी और बीएसपी का साथ आना एक महागठबंधन बनने की शुरुआत है और कांग्रेस भी इसमें एक दोस्त की भूमिका में रहेगी। मध्यप्रदेश और राजस्थान में भी बीएसपी के साथ कांग्रेस से गठबंधन और हरियाणा में आईएनएलडी और यूपी में सपा के साथ गठबंधन ने प्रधानमंत्री बनने की मायावती की महत्वाकांक्षा को बढ़ा दिया है। बीएसपी के एक नेता ने बताया है कि इसलिए मायावती चाहती हैं कि इस गठबंधन की नींव मजबूत हो।












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