सोनिया गांधी ने PM मोदी को लिखा पत्र, गरीबों को भूख संकट से बचाने के लिए की ये अपील
नई दिल्ली। कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखकर सरकार से मुफ्त खाद्यान्न के प्रावधान को तीन महीने की अवधि के लिए सितंबर 2020 तक बढ़ाने का आग्रह किया है। सोनिया गांधी ने अपने पत्र में कहा कि लॉकडाउन की कठिनाइयों के चलते लाखों लोग अभी भी भोजन का इंतजाम करने में असमर्थ हैं और खाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष ने कई राज्य सरकारों से भी अपील की है कि वह मुफ्त खाद्यान्न के प्रावधान को तीन महीने के लिए बढ़ाएं।

गौरतलब है कि कोरोना वायरस के प्रकोप को कम करने के लिए केंद्र सरकार ने 25 मार्च, 2020 से देशव्यापी लॉकडाउन लागू किया है, हालांकि पांचवें चरण में काफी छूट दी गई है। लॉकडाउन की वजह से प्रवासी मजदूरों की नौकरी चली गई जिसके बाद देश ने अब तक का सबसे बड़ा पलायन देखा। अभी भी कई गरीब और जरूरतमंद लोग मुफ्त भोजन पर निर्भर हैं। केंद्र सरकार द्वारा जारी राहत पैकेज में ऐसे लोगों की मदद के लिए कई राहत पैकेज का ऐलान किया था।
कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी ने कहा कि गरीब घरों की एक बड़ी संख्या अभी भी सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) से बाहर है, ऐसे सभी घरों में अस्थायी राशन कार्ड जारी किए जाने चाहिए। कोरोना वायरस के चलते आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव ने शहरी और ग्रामीण दोनों गरीबों के लिए खाद्य असुरक्षा को जन्म दिया है। वर्तमान समय को देखते हुए देश के कुछ सबसे कमजोर वर्ग के लोगों के सामने आने वाले खाद्य संकट से बचने के लिए सरकार को मुफ्त खाद्यान्न का विस्तार किया जाना चाहिए।
सोनिया गांधी ने आगे कहा कि अन्त्योदय अन्न योजना के तहत प्रति व्यक्ति प्रति माह पांच किलो मुफ्त अनाज की आपूर्ति के अलावा अप्रैल-जून 2020 से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत लॉकडाउन में उनके लिए घरों की व्यवस्था भी की जानी चाहिए। कांग्रेस अध्यक्ष ने आगे लिखा कि देश लगभग तीन महीने से सख्त लॉकडाउन का सामना कर रहा है, लाखों-करोड़ों लोगों के गरीबी रेखा के नीचे जाने का खतरा उत्पन्न हो गया है। ऐसे में सरकार के विशेष कदम उठाने की आवश्यकता है।
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