उद्धव ठाकरे के शपथ समारोह में नहीं शामिल होंगी सोनिया गांधी, पत्र लिख कही ये बात
नई दिल्ली। शिवसेना प्रमुख और 'महा विकास अघाड़ी' के नेता उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में नए सरकार का आज शपथ ग्रहण होगा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उद्धव ठाकरे के शपथ समारोह में गांधी परिवार का कोई भी शामिल नहीं हो रहा है। कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने उद्धव ठाकरे को लिखी चिट्ठी। सोनिया गांधी ने पत्र में लिखा, शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस असाधारण परिस्थितियों में साथ आई है। ऐसे समय में जब देश बीजेपी के अप्रत्याशित खतरे में है। मुझे अफसोस है कि मैं शपथ ग्रहण में शामिल नहीं हो पाउंगी।

सोनिया गांधी ने अपने इस पत्र में लिखा, 'कल आदित्य ने मुझसे मिलकर मुंबई में आयोजित होने वाले आपके शपथ समारोह में शामिल होने का निमंत्रण दिया था। मुझे खेद है कि मैं इस कार्यक्रम में उपस्थित नहीं पाऊंगी।'हांलाकि पार्टी के दूसरे बड़े नेता जरूर ग्रहण समारोह में शामिल हो रहे हैं।हाल ही में अपनी सेहत की वजह से ही सोनिया गांधी महाराष्ट्र और हरियाणा चुनावों के दौरान प्रचार भी नहीं कर सकीं थीं।
उन्होंने आगे लिखा, 'शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस असाधारण परिस्थितियों के चलते एक साथ आए हैं, जब देश को बीजेपी से अप्रत्याशित खतरा है। देश का राजनीतिक माहौल जहरीला हो गया है और अर्थव्यवस्था भी डामाडोल हो चुकी है। किसान गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं। ऐसे में शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस एक कॉमन मिनिमम प्रोग्राम पर राजी हुए हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि तीनों पार्टियां मिलकर इस लक्ष्य को हासिल करेंगी।'
इससे पहले कांग्रेस संसदीय दल की बैठक के दौरान सोनिया गांधी ने कहा कि, महाराष्ट्र में बीजेपी ने सरकार बनाने के लिए शर्मनाक कोशिशें कीं। राज्यपाल ने बीजेपी के इशारे पर काम किया। हमारे गठबंधन को तोड़ने की कोशिश की गई। महाराष्ट्र में आखिरकार हमारी जीत हुई। हम एकजुट होकर बीजेपी का पर्दाफाश करेंगे। उधर गुरुवार शाम एनसीपी और कांग्रेस के सहयोग से सरकार बनाने जा रही शिवसेना ने आज तीनों पार्टियों के नेताओं से चर्चा के बाद अपना साझा कार्यक्रम जारी कर दिया।
इसमें सेक्युलर मूल्यों की बात की गई है, जो शिवसेना के बदले रुख का संकेत है। CMP में ऐलान किया गया है कि नौकरियों में स्थानीय युवाओं के लिए 80 फीसदी आरक्षण सुनिश्चित करने को लेकर कानून बनाया जाएगा। राज्य सरकार के रिक्त पदों को तुरंत भरा जाएगा। किसानों की कर्जमाफी पर बड़ा ऐलान हुआ है। राज्य कैबिनेट के अंदर और सत्तारूढ़ गठबंधन सहयोगी दलों के बीच समन्वय के लिए महाराष्ट्र सरकार के पास दो समितियां होंगी।












Click it and Unblock the Notifications