Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Somnath Temple: ना करें दिल छोटा, 5 मिनट में घर बैठे आराम से कर सकते हैं ज्योतिर्लिंग का दर्शन, बस करें ये काम

Somnath Temple : पूरा देश 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' मना रहा है, पीएम मोदी भी इस भव्य आयोजन का हिस्सा हैं, ये उत्सव 1026 में सोमनाथ मंदिर पर हुए पहले हमले के 1000 साल पूरे होने पर मनाया जा रहा है।

आज लाखों लोग द्वादश ज्योतिर्लिंगों में प्रथम ज्योतिलिंग का दर्शन करने सोमनाथ पहुंचे हैं लेकिन अगर आप इस अद्भुत आयोजन का पार्ट बनना चाहते हैं लेकिन गुजरात जाने में असमर्थ हैं तो बिल्कुल भी परेशान होने की जरूरत नहीं है, आप आराम से 5 मिनट में भगवान शिव का दर्शन बस घर बैठे कर सकते हैं।

Somnath Temple

बस आप निम्नलिखित प्रोसेस को स्टेप बॉय स्टेप फॉलो करें...

  • सबसे पहले आप आधिकारिक वेबसाइट: somnath.org पर क्लिक करें।
  • फिर लाइव दर्शन वाले विकल्प पर क्लिक करें।
  • वहां पर दर्शन के अलावा, ऑनलाइन प्रसाद, ऑनलाइन रूम बुकिंग और ऑनलाइन डोनेशन/पूजा विधि के भी विकल्प मिलेंगे।
  • आरती और शो: वीडियो प्लेटफॉर्म पर सुबह (सुबह 7 बजे, दोपहर 12 बजे) और शाम (शाम 7 बजे) की आरती, और रात के लाइट एंड साउंड शो (रात 8 बजे-9 बजे) की रिकॉर्डिंग देखें।

साक्षात दर्शन के लिए खास बातें (Somnath Temple)

  • ऑफिशियल बुकिंग: स्कैम से बचने के लिए VIP दर्शन या सेवा बुक करने के लिए सिर्फ somnath.org का इस्तेमाल करें।
  • समय: दर्शन आम तौर पर सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक होते हैं, आरती और लाइट एंड साउंड शो का समय चेक करें।
  • पाबंदियां: फोन, कैमरे और चमड़े की चीजें आमतौर पर अंदर ले जाने की इजाज़त नहीं होती; क्लॉकरूम का इस्तेमाल करें।

पुनर्जागरण का मानक है Somnath Temple

सोमनाथ मंदिर सनातन आस्था, श्रद्धा और पुनर्जागरण का प्रतीक भी है। गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र में अरब सागर के तट पर स्थित सोमनाथ मंदिर को 'श्रद्धा का शाश्वत प्रतीक कहा जाता है। शिवपुराण और अन्य धार्मिक ग्रंथों में सोमनाथ ज्योतिर्लिंग का विशेष उल्लेख मिलता है। माना जाता है कि यहां सच्चे मन से की गई पूजा से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और भक्त को मानसिक शांति प्राप्त होती है।

आत्मबल का प्रतीक है Somnath Temple

यह मंदिर कई बार विदेशी आक्रमणों का शिकार हुआ लेकिन हर बार भारतीय संस्कृति ने इसे फिर से खड़ा किया। महमूद गजनवी से लेकर अन्य आक्रांताओं द्वारा इसे ध्वस्त किया गया, फिर भी हर युग में इसका पुनर्निर्माण हुआ और आज आत्मबल का प्रतीक बन गया।

DISCLAIMER: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है इसलिए किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले कृपया किसी जानकार ज्योतिष या पंडित की राय जरूर लें।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+