कोई MBA है या कोई बिजनेसमैन, पकड़े गए 6 पाकिस्तान समर्थित आतंकी संदिग्धों के बारे में जानिए
नई दिल्ली, 15 सितंबर: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और खुफिया एजेंसियों ने पाकिस्तान के इशारे पर काम कर रहे जिन 6 आतंकी संदिग्धों को धर-दबोचा है, उनके इरादे इतने खौफनाक थे कि वह आने वाले त्योहारी मौसम में खून की होली खेलना चाहते थे। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, उससे पता चल रहा है कि इन आतंकियों में सारे गरीबी की वजह से देश के दुश्मनों के बहकावे में नहीं आए थे। इनमें काफी पढ़े-लिखे और पैसे वाले लोग भी हैं, जिनके मन में भारत के खिलाफ नफरत भरी गई है। इन आतंकियों में कोई बिजनेस मैनेजमेंट कर चुका है तो कोई ड्राई फ्रूट्स का अंतरराष्ट्रीय कारोबारी है।

पाकिस्तान के इशारे पर देश को दहलाना चाहते थे ये आतंकी
देश की खुफिया एजेंसियों और दिल्ली पुलिस की स्पेशल ने कई राज्यों में ऑपरेशन चलाकर जिन 6 पाकिस्तान समर्थित आतंकियों को पकड़ा है, उनकी पहचान मुंबई के सायन के रहने वाले जान मोहम्मद शेख उर्फ समीर कालिया के रूप में हुई है। हालांकि,बाद में उसका ठिकाना धाराबी होने की बात भी सामने आ रही है। इसके अलावा दिल्ली के जामिया नगर के ओसामा उर्फ समी, यूपी के बरेली के मूलचंद उर्फ साजू, यूपी के ही प्रयागराज में करेली के जीशान कमर, यूपी के बहराइच के मोहम्मद अबू बकर और लखनऊ के मोहम्मद अमीर जावेद के रूप में हुई है। यह पाकिस्तान के इशारे पर भारत में नवरात्रि और रामलीला समारोहों के दौरान देशभर में खासकर महराष्ट्र, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में आतंकी हमलों की योजना बना रहे थे। पाकिस्तान से इन्हें सीधे भगोड़े आतंकी दाऊद इब्राहिम का भाई अनीस इब्राहिम हैंडल कर रहा था और वही हवाला के जरिए इन्हें पैसे भी मुहैया करा रहा था और सारे नापाक मंसूबों के पीछे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई थी।

एमबीए जीशान करने लगा था खजूर का कारोबार
पकड़े गए 6 आतंकियो में से ओसामा और जीशान पाकिस्तान में आतंकवाद की ट्रेंनिंग ले चुके हैं। इनमें से जीशान कमर को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से गिरफ्तार किया गया है। आईएसआई के आदेश पर भारत में आतंकी वारदातों के कुचक्र में शामिल सबसे ज्यादा पढ़ा-लिखा यही दहशतगर्द है। यह एमबीएम है और दुबई में अकाउंटेंट का काम कर चुका है। कोरोना वायरस लॉकडाउन के दौरान यह भारत लौट आया और खजूर का बिजनेस करने लगा। लेकिन, उसके दिल और दिमाग में तो सिर्फ भारत और भारतीयों के खिलाफ जहर घुला हुआ था।

अमीर जावेद इस्लाम धर्म का टीचर है
हालांकि, सभी आतंकियों की प्रोफाइल उतनी अच्छी नहीं है। जान मोहम्मद शेख पहले से ही मुंबई पुलिस की नजरों में चढ़ा हुआ था। वैसे तो कहने के लिए यह ड्राइवर है, लेकिन 2001 में भी मारपीट के आरोप में धरा जा चुका है। लखनऊ से पकड़ा गया मोहम्मद अमीर जावेद जीशान का रिश्तेदार है। अमीर इस्लाम धर्म की शिक्षा देता है और कई वर्ष जेद्दा में बिता कर आया है। इसी तरह मूलचंद या लाला कहने के लिए तो किसानी करता था, लेकिन उसके तार पाकिस्तान में बैठे दाऊद इब्राहिम की डी कंपनी के आतंकियों से जुड़े रहे हैं।
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देवबंद से इस्लामी शिक्षा ले चुका है अबू बकर
उत्तर प्रदेश के बहराइच का रहने वाला मोहम्मद अबू बकर पहले जेद्दा में रहता था, लेकिन फिर वापस भारत आ गया। इसने 2013 में देवबंद के मदरसे में इस्लामी शिक्षा ली थी। ओसामा उर्फ समी का परिवार ड्राई फ्रूट का बिजनेस करता है। इसी के नाम पर यह बिजनेस के सिलसिले में कई बार मध्य-पूर्व के देशों में भी जा चुका है। दिल्ली पुलिस के मुताबिक ओसामा मस्कट गया था और वहां से समंदर के रास्ते पाकिस्तान पहुंच गया था।

मुंबई वाले आतंकी का डी-कंपनी से लिंक- महाराष्ट्र एटीएस
आईएसआई ने भारत में जो आतंकी वारदात करवाने की साजिश रची थी, उसे वह अनीस इब्राहिम और डी कंपनी के जरिए अंजाम दे रहा था। अनीस इब्राहिम ने इसके लिए अंडरवर्ल्ड में अपनी रसूख का इस्तेमाल किया। उसके गैंग पर हथियार और विस्फोटक पहुंचाने और हवाला के जरिए फंडिंग का जिम्मा था। वहीं, डी-कंपनी के बाकी लोगों के जरिए टारगेट तय किए जा रहे थे और आईईडी लगाने की खौफनाक योजना तैयार की जा रही थी। बाद में महाराष्ट्र एटीएस चीफ विनीत अग्रवाल ने बताया है कि 'कल पकड़े गए 6 लोगों में से एक मुंबई के धारावी का रहने वाला है। उसका डी-कंपनी से लिंक है। उसे कोटा में गिरफ्तार किया गया था, जब वह ट्रेन से दिल्ली जा रहा था।'












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