Must Read: मोदी देश के पहले पीएम जिनकी मां जिंदा हैं
नई दिल्ली। दस साल से सत्ता से कोसो दूर रही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) इस बारे के चुनाव में विजेता बनकर उभरी है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली सहित पार्टी को उत्तर भारतीय राज्यों हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में सफलता मिली है।
दिल्ली में भाजपा को सभी सातों सीटों पर सफलता मिली है और आम आदमी पार्टी (आप) इन सभी सीटों पर दूसरे स्थान पर रही तो कांग्रेस तीसरे पायदान पर खिसक गई।
उत्तराखंड की सभी पांच सीटों और हिमाचल प्रदेश की सभी चार सीटों पर भाजपा का परचम लहराया। दोनों राज्यों में कांग्रेसी मुख्यमंत्रियों की पत्नी (उत्तराखंड में रेणुका रावत और हिमाचल प्रदेश में प्रतिभा सिंह) को हार का सामना करना पड़ा।
पूरे तीस साल बाद कोई गौरकांग्रेसी सरकार सत्ता में आयी है, जो अपने आप में एक खास बात है उससे भी ज्यादा दिलचस्प यह भी है कि पहली बार किसी पार्टी के नेता पर जनादेश ने भरोसा जताया है।
आईये जानते हैं 16वीं लोकसभा के बारे में दिलचस्प बातें

253 सांसद 55 वर्ष से अधिक उम्र के
16वीं लोकसभा अपने पूर्ववर्ती से थोड़ी ज्यादा बूढ़ी दिखेगी। 543 निर्वाचित सदस्यों में 253 की औसत उम्र 55 वर्ष से अधिक है। संसद के निचले सदन के सदस्यों में सबसे उम्र-दराज भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लालकृष्ण आडवाणी (86) हैं। इस बार केवल केवल 71 सदस्य (13) ही 40 वर्ष से कम उम्र के हैं। 15वीं लोकसभा में 43 प्रतिशत सदस्य 55 वर्ष से अधिक उम्र के थे।

75 फीसदी नवनिर्वाचित सांसद स्नातक
आम चुनाव में निर्वाचित 75 प्रतिशत सांसद कम से कम स्नातक डिग्रीधारी हैं, जबकि 10 प्रतिशत मैट्रिक पास हैं।

दिल्ली में खिला कमल
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली सहित भाजपा को उत्तर भारतीय राज्यों हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में सफलता मिली है। दिल्ली में भाजपा को सभी सातों सीटों पर सफलता मिली है और आम आदमी पार्टी (आप) इन सभी सीटों पर दूसरे स्थान पर रही तो कांग्रेस तीसरे पायदान पर खिसक गई।

भगवा रंग में रंगा पहाड़ भी
उत्तराखंड की सभी पांच सीटों और हिमाचल प्रदेश की सभी चार सीटों पर भाजपा का परचम लहराया।

चंडीगढ़ में भी खिली किरण
भाजपा को चंडीगढ़ की एकमात्र सीट पर भी सफलता मिली, जहां उसकी प्रत्याशी किरण खेर 69,600 मतों से विजयी हुई हैं।

हरियाणा भी भाजपा संग
हरियाणा में भी भाजपा को सात सीटों पर सफलता मिली। राज्य में पार्टी ने 8 सीटों पर प्रत्याशी उतारे थे। चार सीटों पर उसके प्रत्याशी 2.7 लाख या अधिक के अंतर से जीते। सबसे बड़ा अंतर फरीदाबाद में 4.66 लाख रहा।

पंजाब में नहीं हुई बल्ले-बल्ले
भाजपा के लिए सबस शर्मनाक पंजाब ही रहा जहां उसके सहयोगी अकाली दल 13 में से केवल छह सीटें जीत सकी।अकाली दल के प्रत्याशी 19000 से एक लाख तक के अंतर से जीत पाए।
भाजपा के लिए पंजाब में सबसे बड़ा झटका उसके कद्दावर नेता अरुण जेटली की हार मानी जा सकती है। अमृतसर सीट पर उन्हें कांग्रेस के प्रत्याशी और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने एक लाख से भी ज्यादा मतों के अंतर से पराजित किया।

61 महिला सांसद
इस बार 61 महिला सांसद संसद की शोभा बढ़ायेंगी। पिछली बार यह संख्या 59 थी।

दुष्यंत सबसे युवा सांसद
हरियाणा के 26 वर्षीय दुष्यंत बने सबसे युवा सांसद हैं।

रामपुर खास में कांग्रेस की बादशाहत कायम
पूरे देश में चली कांग्रेस विरोधी लहर के बीच उत्तर प्रदेश में पार्टी का गढ़ कही जाने वाली सीट 'रामपुर खास' पर कांग्रेस अपनी प्रतिष्ठा बरकरार रखने में सफल रही। इस सीट पर पार्टी प्रत्याशी आराधना मिश्रा 'मोना' ने रिकार्ड जीत दर्ज की है।

मोदी के मिशन 272 में उप्र का 26 प्रतिशत योगदान
भाजपा ने तो उप्र में करिश्मा कर दिया। विपक्षियों के सभी अंदाज झुठलाते हुए भाजपा ने प्रदेश के हर जिले में कमल खिला दिया। समूचा विपक्ष यहां धराशायी हो गया। कांग्रेस दो तथा सपा छह सीटों पर यहां सीमित हो गई। बसपा, रालोद और आप का तो खाता तक नहीं खुला।

देश के पहले पीएम हैं मोदी जिनकी मां जिंदा हैं
नरेन्द्र दामोदर दास मोदी देश के ऐसे पहले पीएम हैं जिन्हें कुदरत का अद्भुभत सौभाग्य प्राप्त हुआ है। उनकी मां उन्हें अपने सामने पीएम की कु्र्सी पर बैठा हुआ देखेंगी। अभी तक देश के किसी भी पीएम को ऐसा सौभाग्य मिली नहीं है क्योंकि यह लोग तब पीएम की सीट पर बैठे जब भगवान ने उनसे उनकी मां का साथ छीन लिया था।












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