भारत में ओमिक्रॉन के अबतक 161 मामले सामने आए, सरकार ने संसद में दी तैयारियों की जानकारी
नई दिल्ली, 20 दिसंबर: केंद्र सरकार ने आज संसद में जानकारी दी है कि देश में कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन वेरिएंट के अबतक 161 मामले सामने आए हैं और एक्सपर्ट लगातार हालातों की समीक्षा कर रहे हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मनडाविया ने राज्यसभा में बताया है कि सरकार ने कोविड-19 की पहली और दूसरी लहर से सीख लेते हुए यह सुनिश्चित करने की कोशिश की है कि देश को किसी भी तरह की समस्याओं का सामना नहीं करना पड़े। इसके साथ ही उन्होंने संसद को बताया है कि आज की तारीख में देश में रोजाना औसतन 1 करोड़ से भी ज्यादा वैक्सीन उत्पादन की क्षमता है और अगले दो महीनों में इसे बढ़ाकर डेढ़ करोड़ प्रतिदिन की क्षमता तक ले जाना है।

देश की अधिकतर आबादी को लगी वैक्सीन- सरकार
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मनडाविया ने राज्यसभा में सोमवार को जानकारी दी कि देश की अधिकतर आबादी आज की तारीख में कोविड वैक्सीन से वैक्सीनेटेड हो चुकी है। उन्होंने कहा, 'पीएम मोदी के नेतृत्व और स्वास्थ्य कर्मियों के प्रयासों से अबतक कोविड वैक्सीन की 88% पहली खुराक और 58% दूसरी खुराक लगाई जा चुकी है। आज भारत की अधिकांश जनसंख्या को टीका लग चुका है।'
हर महीने 31 करोड़ वैक्सीन डोज उत्पादन की क्षमता-स्वास्थ्य मंत्री
उन्होंने देश में कोविड वैक्सीन की उपलब्धता के बारे में बताया है कि 'आज सभी राज्यों/ केद्र शासित प्रदेशों के पास पर्याप्त वैक्सीन है, उनके पास 17 करोड़ डोज उपलब्ध हैं। हमारी उत्पादन क्षमता बढ़ चुकी है। आज भारत की उत्पादन क्षमता 31 करोड़ वैक्सीन डोज प्रति महीने की है। अगले 2 महीनों में यह 45 करोड़ डोज प्रति महीने तक बढ़ जाएगी।'
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ओमिक्रॉन को लेकर सरकार की तैयारी
बता दें कि इस समय दुनियाभर में कोविड के खतरनाक माने जाने वाले नए वेरिएंट ओमिक्रॉन को लेकर कोहराम मचा हुआ है। ब्रिटेन से रोज डराने वाली खबरें आ रही हैं। हालांकि, भारत में अभी वैसी स्थिति नहीं है, लेकिन फिर भी इस नए वायरस को लेकर टेंशन की स्थिति बनी हुई है। इसके बारे में केंद्रीय मंत्री ने संसद को बताया है कि, 'अभी तक भारत में ओमिक्रॉन के 161 मामले हैं......हम रोजाना विशेषज्ञों के साथ हालात की निगरानी कर रहे हैं। पहली और दूसरी लहर के दौरान के हमारे अनुभवों को देखते हुए, यह सुनिश्चित करने के लिए जब वेरिएंट फैले तो हमें समस्याओं का सामना ना करना पड़े,हमने महत्वपूर्ण दवाओं के बफर स्टॉक का इंतजाम किया है। '
इस बीच वैक्सीन कंपनी मॉडर्ना ने दावा किया है कि उसकी कोविड-19 वैक्सीन का बूस्टर डोज तेजी से फैलने वाले ओमिक्रॉन वेरिएंट के खिलाफ कारगर लग रहा है। इससे पहले यूके के शोधकर्ताओं ने कहा था कि संभावना है कि बूस्टर डोज से ओमिक्रॉन वेरिएंट की स्थिति में गंभीर बीमारी में 85% तक सुरक्षा मिल सकती है। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक यह सुरक्षा पहले के वेरिएंट के मुकाबले थोड़ा कम लग रहा है। लेकिन, इससे इतना अनुमान लगाया जा सकता है कि यह लगाने से कई लोगों को अस्पताल में भर्ती होने से बचाया जा सकता है।












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