Smart India Hackathon 2020 : पीएम मोदी स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन के ग्रैंड को किया संबोधित, जानें बड़ी बातें
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन 2020 के ग्रैंड फिनाले को संबोधित किया। इस अवसर पर पीएम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए छात्रों से भी बातचीत की। इस बार हैकाथऑन का फोकस कोविड के बाद की दुनिया और आत्मनिर्भर भारत है। स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद और केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से संयुक्त रूप से शुरू किया गया एक राष्ट्रव्यापी अभियान है।
Recommended Video
Smart India Hackathon 2020: PM Modi ने गिनाईं New Education Policy की खूबियां | वनइंडिया हिंदी

- हैकाथॉन को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि, हेल्थकेयर में डेटा ड्रिवेन सलूशन से काफी बड़ा परिवर्तन है। जिसके कारण गरीब से गरीब तक और दूर-दूर के गांव तक हम अफोर्डेबल और वर्ल्ड क्लास हेल्थकेयर सिस्टम पहुंचा सकते हैं। छात्रों से बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि,एर्नाकुलम में बैठकर, आप नॉर्थ ईस्ट के लोगों की समस्याओं को हल करने के लिए उत्पाद बना रहे हैं। यह एक भारत श्रेष्ठ भारत के विचार को शक्ति प्रदान करता है।
- उन्होंने कहा कि हमारी सुविधाओं को प्रभावी, इंटरैक्टिव और लोगों के अनुकूल बनाने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक बहुत बड़ी सुविधा हो सकती है। पीएम ने छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि डेटा-संचालित समाधानों के साथ, हेल्थकेयर समाधान एक बड़ा बदलाव पैदा कर रहे हैं। गरीबों के अधिकांश इलाकों को इस कारण आज सस्ती सेवाएं मिल रही हैं और आयुष्मान भारत योजना के तहत हमारा ये उद्देश्य भी है।
- पीएम मोदी ने कहा कि,भारत के एजुकेशन को आधुनिक बनाने की कोशिश है। यहां के टैलेंट को भरपूर अवसर मिले ऐसी कोशिश की जा रही है। इस कड़ी में देश में नई एजुकेश पॉलिसी का ऐलान किया गया है। यह पॉलिसी 21वीं सदी के नौजवानों को सोच, उनकी आशाएं, आकांक्षाओं को देखकर व्यापक स्तर तैयार की गई है।
- पीएम मोदी ने कहा कि, यह सीखने, रिसर्च करने और इनोवेशन पर फोकस करने का वक्त है। नई एजुकेशन पॉलिसी में ऐसा ही प्रयास किया गया है। नई शिक्षा नीति के माध्यम से इसी अप्रोच को बदलने का प्रयास किया जा रहा है, पहले की कमियों को दूर किया जा रहा है। भारत की शिक्षा व्यवस्था में अब एक सिस्टमैटिक रिफॉर्म, शिक्षा का Intent और Content, दोनों को ट्रांसफॉर्म करने का प्रयास है।
- प्रधानमंत्री ने कहा कि, हमारे संविधान के मुख्य शिल्पी, हमारे देश के महान शिक्षाविद डॉ. बाबा साहेब आंबेडकर कहते थे कि शिक्षा ऐसी होनी चाहिए जो सभी की पहुंच में हो, सभी के लिए सुलभ हो। ये शिक्षा नीति, उनके इस विचार को भी समर्पित है।ये एजुकेशन, नौकरी करने वालों के बजाय मौकरी देने वाला बनाने पर बल देती है। यानि एक प्रकार से ये हमारे माइंडसेट में, हमारी अप्रोच में ही रिफॉर्म लाने का प्रयास है।
- पीएम ने कहा कि, अब एजुकेशन पॉलिसी में जो बदलाव लाए गए हैं, उससे भारत की भाषाएं आगे बढ़ेंगी, उनका और विकास होगा। ये भारत के ज्ञान को तो बढ़ाएंगी ही, भारत की एकता को भी बढ़ाएंगी।
- पीएम मोदी ने कहा कि, देश के गरीब को एक बेहतर जिंदगी देने के, Ease of Living के हमारे लक्ष्य को हासिल करने में आप सभी युवाओं की भूमिका बहुत अहम है। मेरा हमेशा से ये मानना रहा है कि देश के सामने आने वाली ऐसी कोई चुनौती नहीं है जिससे हमारा युवा टक्कर ना ले सके, उसका समाधान ना ढूंढ सके। वैसे भी आज GDP के आधार पर विश्व के टॉप- 20 देशों की लिस्ट देखें तो ज्यादातर देश अपनी गृहभाषा, मातृभाषा में ही शिक्षा देते हैं। ये देश अपने देश में युवाओं की सोच और समझ को अपनी भाषा में विकसित करते हैं और दुनिया के साथ संवाद के लिए दूसरी भाषाओं पर भी बल देते हैं।












Click it and Unblock the Notifications