सिक्किम में अचानक आई बाढ़ से अब तक 19 मौतें, 103 लोग लापता हैं, चारों तरफ फैला तबाही का मंजर
Sikkim Flash Flood: सिक्किम में बादल फटने की वजह से तीस्ता नदी में अचानक आई बाढ़ से अब तक 19 लोगों की मौत हो गई है। वहीं 103 लोग लापता हैं। ये जानकारी राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने दी है। सेना और एनडीआरएफ की टीमें तीस्ता नदी बेसिन और उत्तरी बंगाल के निचले हिस्से में कीचड़ भरी धरती और तेजी से बहते पानी में बहे लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं।
मुख्य सचिव वीबी पाठक ने कहा कि बुधवार तड़के उत्तरी सिक्किम में ल्होनक झील के ऊपर बादल फटने से अचानक आई बाढ़ के बाद 22 सैन्यकर्मियों सहित 103 लोग लापता हैं।

एक अधिकारिक बयान में पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल सरकार ने कहा कि 18 शवों में से चार की पहचान 'जवानों' के रूप में की गई है। वहीं 26 लोग जो घायल हैं, उनका इलाज सिक्किम के अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है।
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सिक्किम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसएसडीएमए) ने एक बुलेटिन में कहा कि अब तक 2,011 लोगों को बचाया गया है, जबकि आपदा से 22,034 लोग प्रभावित हुए हैं।
सेना की 27वीं माउंटेन डिवीजन के अधिकारियों ने सूचित किया कि उत्तरी सिक्किम में लाचेन, लाचुंग और आसपास के क्षेत्रों में फंसे पर्यटक सुरक्षित हैं। विदेशी सहित 3,000 से अधिक पर्यटक सिक्किम के अलग-अलग हिस्सों में फंसे हुए हैं। सेना ने अपनी दूरसंचार सुविधा सक्रिय की और कई पर्यटकों को उनके परिवार वालों से बात कराई है।
फंसे हुए पर्यटकों को निकालना प्राथमिकता थी और उन्हें हवाई मार्ग से ले जाने का फैसला लिया गया, जहां से उन्हें सड़क मार्ग से सिक्किम लाया जाएगा। मुख्य सचिव ने कहा, "अगर मौसम अच्छा रहा तो लाचेन और लाचुंग में फंसे पर्यटकों को जल्द ही निकाला जाएगा।"
उन्होंने कहा, भारतीय वायु सेना और सेना के हेलीकॉप्टर गुरुवार को लाचेन, लाचुंग और चुंगथांग के लिए उड़ान भरने के लिए तैयार थे, लेकिन खराब मौसम के कारण ऐसा नहीं कर सके। उत्तरी सिक्किम में स्थानीय लोगों को निकालने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए एनडीआरएफ की प्लाटून भी तैयार हैं।












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