तमिलनाडु: NEET खत्म करने के लिए 'हस्ताक्षर अभियान', उदयनिधि बोले- जुटाएंगे लाखों लोगों के समर्थन
राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (NEET) में शामिल होने वाले विद्यार्थियों में आत्महत्या के बढ़ते मामलों को लेकर तमिलनाडु में नीट खत्म करने की मांग तेज हो गई है। डीएमके की ओर से इसको लेकर हस्ताक्षर अभियान शुरू किया गया है, जिसके तहत NEET परीक्षा के खिलाफ 50 दिनों में लाखों हस्ताक्षर लेने की योजना बनाई गई है। हस्ताक्षर अभियान में शनिवार (22 अक्टूबर) को शामिल हुए डीएमके नेता उदयनिधि ने कहा कि नीट के कारण छात्रों में आत्महत्या के मामले सिर्फ तमिलनाडु ही नहीं बल्कि पूरे भारत में बढ़ रहे हैं।
इस हफ्ते शनिवार को नीट के विरोध में शुरू हो रहे हस्ताक्षर अभियान में डीएमके नेता व खेल मंत्री उदयनिधि स्टालिन शामिल हुए। उन्होंने इस मौके पर छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि नीट के कारण तमिलनाडु में अब तक 22 लोगों की जान जा चुकी है। इस परीक्षा के कारण अवसाद में आए स्टूडेंट्स के आत्महत्या के मामले ना केवल तमिलनाडु में, बल्कि भारत में भी बढ़ रहे हैं। उदयनिधि ने कहा कि इन मामलों को पूरी तहत रोकने की जरूरत है। जिसके लिए हस्ताक्षर अभियान शुरू किया गया है।

तमिलनाडु में नीट परीक्ष खत्म करने की मांग पहले से ही की जा रही है। इस संबंधन में सीएम एमके स्टालिन ने पहले 12 राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखा था। जिसमें एनईईटी परीक्षा को समाप्त करने के लिए इसे वर्तमान समवर्ती सूची से राज्य सूची में स्थानांतरित करने की मांग का समर्थन करने की अपील की गई थी। पिछले साल तमिलनाडु सरकार ने विधानसभा ने एनईईटी के विरोध में एक विधेयक भी लाया गया, जिसे राज्यपाल आरएन रवि ने इस विधेयक को मंजूरी के लिए राष्ट्रपति के पास भेज दिया था। लेकिन राष्ट्रपति ने इसे मंजूरी देने से इनकार कर दिया था।
जिसके बाद अब एक बार फिर से डीएमके ने नीट को खत्म करने की मांग शुरू की है। इसके पीछ डीएमके नेता की ओर से कथित रूप से नीट कैंडिडेट्स की आत्महत्या के बढ़ते मामले मामले मान रहे हैं।












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