Shubhanshu Shukla को अंतरिक्ष से वापसी के तुरंत बाद क्यों नहीं भेजा जा रहा घर? क्या हो सकती हैं दिक्कतें
Shubhanshu Shukla Return: Axiom-4 मिशन के तहत अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर 18 दिन बिताने के बाद आज 15 जुलाई को शुभांशु शुक्ला और उनकी टीम के सदस्यों की धरती पर सफलतापूर्वक वापसी हो चुकी है। ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला का स्पेसक्राफ्ट ग्रेस कैप्सूल कैलिफोर्निया के प्रशांत महासागर में उतर चुका है।
भारत के लाल शुभांशु शुक्ला की धरती की सकुशल वापसी की हर कोई दुआ कर रहा था। लखनऊ के बेटे शुभांशु शुक्ला की वापसी के बाद उनका परिवार खुशी से झूम उठा। उनके माता-पिता अपने बेटे को बांहों में भर लेने के लिए बेचैन हैं लेकिन उन्हें अभी लंबा इंतजार करना होगा, क्योंकि शुभांशु शुक्ला को तुरंत घर नहीं भेजा जा रहा है। आइए जानते हैं आखिर क्यों?

दरससल, अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर 18 दिन बिता कर धरती पर लौटे शुभांशु शुक्ला को सीधे सीधे घर नहीं भेजा जाएगा बल्कि सबसे पहले उन्हें NASA के मेडिकल और रिहैबिलिटेशन सेंटर में रखा जाएगा। इसकी वजह है कि पृथ्वी पर लौटने के बाद शुभांशु शुक्ला को कई स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें होने का खतरा है।
शुभांशु शुक्ला को होंगी ये दिक्कतें
अंतरिक्ष में जीरो ग्रैविटी होती है, लेकिन धरती पर लौटने के बाद उन्हें गुरुत्वाकर्षण के साथ तालमेल बिठाना पड़ता है। अंतरिक्ष की माइक्रोग्रैविटी में समय बिताने के कारण अंतरिक्ष यात्रियों की मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं। धरती पर गुरुत्वाकर्षण में वापस आते ही चक्कर आना, थकावट और संतुलन में गड़बड़ी समेत अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
इसलिए NASA उन्हें सीधे घर भेजने के बजाय अगले 7 दिनों तक मेडिकल और रिहैबिलिटेशन सेंटर में रखा है जहां उनकी खास देखभाल की जाएगी। मांसपेशियों और हड्डियों को मजबूत करने के लिए एक्सरसाइज करवाई जाएगी। सिरदर्द, चक्कर आना समेत अन्य स्वास्थ्य संबंधी चीजों को मॉनिटर किया जाएगा।
शुभांशु शुक्ला के सामने होगी ये चुनौतियां
अंतरिक्ष में जीरो ग्रैविटी होती है जिस कारण धरती पर लौटने पर गुरुत्वाकर्षण के साथ तालमेल बिठाने में समय लगता है। अंतरिक्ष यात्रियों के अनुसार, धरती पर लौटने के बाद उन्हें सोने, चलने-फिरने, उठने-बैठने और खाने-पीने की आदतों में बदलाव महसूस होता है। वे अपना संतुलन खो सकते हैं और उनसे चीजें गिर सकती हैं।
शुभांशु शुक्ला ये गलतियां कर सकते हैं
- शुभांशु शुक्ला पहले की तरह आसानी से पैर जमीन पर रख कर चल नहीं सकेंगे। इसकी वजह है कि स्पेस में रहने के कारण उनके पैर के तलवे की त्वचा मुलायम हो गई होगी जिसे बेबी फीट कहते हैं। वे ठोकर लगकर गिर भी सकते हैं।
- धरती पर सामान्य होने में कुछ समय लगता है, जिसके चलते वे अक्सर थका हुआ और भ्रमित महसूस करते हैं।
- कुछ परिस्थितियों में उन्हें अजीब आवाजें सुनाई देने या अजीब आकृतियां दिखाई देने जैसे अनुभव भी हो सकते हैं।
- कई मामूली गलतियां करने की भी आशंका हाेती है जैसे अंतरिक्ष में चीजों को हवा में छोड़ देने की आदत हो जाती है, इसलिए धरती पर लौटने के बाद वे गलती से अपने हाथ से कप या पेन जैसी चीजें छोड़ सकते हैं।












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