'आडवाणी-जोशी लोगों को बाबरी तोड़ने से रोकने का प्रयास कर रहे थे'
आडवाणी और जोशी के समर्थन में आए शिवसेना के सांसद सतीश प्रधान, बोले दोनों ही नेता लोगों को बाबरी तोड़ने से रोक रहे थे।
नई दिल्ली। शिवसेना के पूर्व सांसद सतीश प्रधान ने लाल कृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी का बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में बचाव किया है। उन्होंने कहा कि आडवाणी और जोशी भीड़ को बाबरी मस्जिद के आगे जाने से रोक रहे थे और उन्होंने बाबरी मस्जिद को टूटने से बचाने का प्रयास किया था।

सतीश प्रधान ने 6 दिसंबर 1992 की घटना को याद करते हुए कहा कि मैंने देखा था कि आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी भीड़ को रोकने की कोशिश कर रहे थे, वह उन लोगों को बाबरी की ओर जाने से रोकने की कोशिश कर रहे थे लेकिन कोई भी उस वक्त सुनने को तैयार नहीं था, जो भी हुआ वह भीड़ के गुस्से की वजह से अचानक हुआ था।
आपको बता दें कि सतीश प्रधान और भाजपा नेता ओम प्रकाश शर्मा ही थाणे से दो ऐसे नेता था जो 6 दिसंबर 1992 को अयोध्या में घटना स्थल पर मौजूद थे। गौरतलब है कि सतीश प्रधान और ओम प्रकाश शर्मा को लाल कृष्ण आडवाणी व मुरली मनोहर जोशी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट ने बाबरी विध्वंस का षडयंत्र करने के मामले में मुकदमा चलाने का आदेश दिया है।
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सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि इन तमाम नेताओं के खिलाफ बाबरी विध्वंस का षड़यंत्र रचने का मामला चलाया जाए और इस मामले को अगले दो साल के भीतर खत्म किया जाए, इसके लिए कोर्ट ने खास निर्देश देते हुए कहा कि सामान्य स्थिति में मामले की सुनवाई को कोर्ट स्थगित नहीं कर सकती है और किसी भी जज का इस मामले में ट्रांसफर नहीं किया जाएगा। इस मामले में विनय कटियार, मुरली मनोहर जोशी, लाल कृष्ण आडवाणी, उमा भारती जैसे दिग्गज नेता भी आरोपी बनाए गए हैं। वहीं सतीश प्रधान ने कहा कि वह ट्रायल को फेस करने के लिए तैयार हैं।












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