'पानी में रहकर मगरमच्छ से बैर' शिवसेना ने सामना में कंगना रनौत पर साधा निशाना, धर्मेंद्र-जीतेंद्र जैसे दिग्गज कलाकारों का भी जिक्र

नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत अपने ट्वीट्स और इंटरव्यू के चलते कुछ समय से सुर्खियों में बनी हुई हैं। उनकी शिवसेना नेता संजय राउत के साथ जुबानी जंग भी किसी से नहीं छिपी। हाल ही में कंगना ने मुंबई पुलिस से लेकर महाराष्ट्र सरकार तक पर निशाना साधा। जिसके जवाब में संजय राउत और महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख तक ने कंगना से कह दिया कि उन्हें महाराष्ट्र में रहने का अधिकार नहीं है। इसके साथ ही शिवसेना अपने मुखपत्र सामना के जरिए भी कंगना पर लगातार निशाना साध रही है। अब एक बार सामना में कंगना रनौत पर तंज कसा गया है।

'अपनी कब्र खोदने जैसा है'

'अपनी कब्र खोदने जैसा है'

शिवसेना ने शनिवार को सामना में कंगना के 'मुंबई पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) जैसी महसूस हो रही है' वाले बयान पर कहा है, मुंबई को कम करके आंकना 'अपनी कब्र खोदने जैसा है'। कंगना को 'महाराष्ट्र हेटर' बताते हुए शिवसेना ने कहा है, 'जिनका डॉ. अंबेडकर की विचारधारा से कोई लेना-देना नहीं, वे हवाई अड्डे पर आए, नीले झंडे लहराते हुए हंगामा किया और महाराष्ट्र के हेटर्स का स्वागत किया गया। ये डॉक्टर अंबेडकर का काफी बड़ा अपमान है।'

'बहुत से स्ट्रगलर्स मुंबई आए'

'बहुत से स्ट्रगलर्स मुंबई आए'

इसमें कंगना पर निशाना साधते हुए आगे लिखा है, 'बहुत से स्ट्रगलर्स मुंबई आए और बड़े सितारे बने। वह हमेशा मुंबई के प्रति वफादार रहे। बॉलीवुड को दादासाहेब फालके ने स्थापित किया था, एक महाठी मानूस (आदमी) थे। उन्हें कभी भारत रत्न नहीं दिया गया। लेकिन जिस इंडस्ट्री की उन्होंने शुरुआत की, उसमें कई को भारत रत्न और यहां तक ​​कि निशान-ए-इम्तियाज (पाकिस्तान का सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार) से सम्मानित किया गया।' वंशवाद की बात करते हुए शिवसेना ने कहा, जिनका अभिनय अच्छा था उन्हें लोगों ने स्वीकार किया और जितेंद्र, धर्मेंद्र, राजेश खन्ना जैसे दिग्गज कलाकार आउटसाइडर थे, लेकिन फिर भी उन्होंने नाम बनाया।

'जो अच्छे थे उन्हें स्वीकार किया'

'जो अच्छे थे उन्हें स्वीकार किया'

शिवसेना ने सामना में कहा, 'वंशवाद पहले भी था और आज भी है। लेकिन जो अच्छे थे उन्हें ही लोगों ने स्वीकार किया है। जीतेंद्र, धर्मेंद्र, राजेश खन्ना किसी प्रभावशाली परिवार से नहीं थे। अगर उनके बच्चे फिल्म इंडस्ट्री में हैं, तो उन्हें क्यों दोषी ठहराना? उन्होंने हमेशा अपनी कर्मभूमि के रूप में मुंबई को बहुत सम्मान के साथ देखा है और मुंबई के विकास में योगदान भी दिया है।' शिवसेना ने कहा, 'उन्होंने पानी में रहते हुए मगरमच्छ से बैर नहीं लिया। उन्होंने खुद कांच के घर में रहते हुए किसी के घर पर पत्थर नहीं फेंके। मुंबई को कम करके आंकना अपनी कब्र खोदने जैसा है।'

'बलिदान और आत्मसम्मान गहने'

'बलिदान और आत्मसम्मान गहने'

सामना में आगे कहा गया है, 'बलिदान और आत्मसम्मान मुंबई के लोगों के गहने हैं। महाराष्ट्र ने औरंगजेब और अफजल खान की कब्र खोदी हैं।' आपको बता दें कुछ दिन पहले ही शिवसेना द्वारा शासित बीएमसी ने कंगना रनौत के ऑफिस को अवैध निर्माण करार देते हुए तोड़ दिया था। हालांकि बाद में बॉम्बे हाईकोर्ट ने इसपर रोक लगाने का आदेश दिया था। इसके बाद शुक्रवार को महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई पुलिस से कहा कि बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत पर प्रतिबंधित पदार्थों और नशीले पदार्थों का इस्तेमाल करने वाले आरोपों की जांच करें। राज्य के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने मंगलवार को कहा था कि मुंबई पुलिस अभिनेता अध्यन सुमन के उन आरोपों की जांच करेगी, जिसमें उन्होंने कहा था कि कंगना रनौत ड्रग्स लेती थीं।

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