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संजय राउत का भाजपा पर निशाना, कोर्ट के आदेश पर जश्न मनाने वाले क्या कंगना के मुंबई को पीओके कहने से सहमत?

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नई दिल्ली। अभिनेत्री कंगना रनौत के दफ्तर में तोड़फोड़ करने को लेकर मुंबई हाईकोर्ट ने शुक्रवार को बीएमसी को फटकार लगाई है। कंगना के पक्ष में फैसले का स्वागत करते हुए भारतीय जनता पार्टी नेताओं ने महाराष्ट्र सरकार और शिवसेना नेता संजय राउत पर हमला बोला है। जिसके बाद संजय राउत ने इस पर बयान दिया है। संजय राउत ने कहा है कि जो लोग अदालत के आदेश पर खुशी मना रहे हैं, क्या वो मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र को लेकर दिए कंगना के बयानों का समर्थन करते हैं।

    Kangana Ranaut की Bombay High Court में जीत, दफ्तार तोड़ने पर BMC को फटकार | वनइंडिया हिंदी
    क्या अभिनेत्री के बयान सेसहमत हुआ जा सकता है?

    क्या अभिनेत्री के बयान सेसहमत हुआ जा सकता है?

    संजय राउत ने कहा, अभिनेत्री (कंगना रानौत) ने मुंबई पुलिस को माफिया और मुंबई को पीओके जैसा कहा है। क्या अदालत के आदेश से उत्साहित पार्टियां इससे सहमत हैं? न्यायाधीशों या न्यायालयों के बारे में अपमानजनक टिप्पणी अवमानना ​​का कारण बनती है, ऐसे में उस पर कुछ कहना ठीक नहीं है। मेरा सवाल सिर्फ इतना है कि क्या महाराष्ट्र और मुंबई पर तरह की टिप्पणी कर राज्य और शहर को बदनाम नहीं किया गया।

     क्या बोले हैं भाजपा के नेता

    क्या बोले हैं भाजपा के नेता

    हाईकोर्ट के फैसले पर बीजेपी नेता किरीट सोमैया ने कहा कि मुंबई की महापौर और मुंबई के म्युनिसिपल कमिश्नर को तुरंत त्यागपत्र देना चाहिए। इस फैसले के बाद शिवसेना सांसद संजय राउत की तो बोलती बंद हो गई है। बीजेपी विधायक राम कदम ने कहा कि कंगना रनौत का दफ्तर महाराष्ट्र सरकार ने बदले की भाव से तोड़ा, यह समूचा देश जानता है। आज न्यायपालिका ने इस सरकार को करारा तमाचा दिया है। अन्याय पर आज जीत हुई है। तानाशाही पर आज लोकतंत्र जीत गया है।

    कंगना के दफ्तर पर कार्रवाई, कोर्ट ने कहा गलत हुआ

    कंगना के दफ्तर पर कार्रवाई, कोर्ट ने कहा गलत हुआ

    बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने 9 सितंबर को कंगना के पाली हिल स्थित बंगले में बने ऑफिस के कई हिस्सों को अवैध बताते हुए तोड़ दिया था। कंगना ने बीएमसी की कार्रवाई के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इसी याचिका पर शुक्रवार को जस्टिस एसजे कैथावाला और आरआई छागला की बेंच ने फैसला सुनाया है। कोर्ट का कहना है कि बीएमएसी ने खराब नीयत से यह कदम उठाया था और कंगना का दफ्तर गलत इरादे से तबाह किया गया। कोर्ट ने यह भी कहा कि यह नागरिकों के आधिकार के भी विरुद्ध था।

    ये भी पढ़ें- बंगला तोड़ने पर BMC को फटकार और मुआवजा देने के फैसले पर क्या बोलीं कंगना रनौत

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    English summary
    Shiv Sena Sanjay Raut reaction on bombay high court order kangana ranaut office
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