इंदिरा गांधी के आपातकाल पर बदले शिवसेना के विचार, कहा- ये मुद्दा पुराना, इसे कर दें दफ्न
मुंबई: चुनाव आयोग ने पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव का ऐलान कर दिया है। जिस वजह से बीजेपी हर बार की तरह कांग्रेस के घोटालों और इंदिरा गांधी के आपातकाल का जिक्र कर रही है। वहीं दूसरी ओर किसी वक्त आपातकाल को लेकर कांग्रेस को घेरने वाली शिवसेना के विचार बदल गए हैं। जिसका जिक्र उसके मुख्यपत्र सामना में हुआ। साथ ही मोदी सरकार के शासनकाल की तुलना आपातकाल से की गई है।

शिवसेना सांसद संजय राउत ने सामना के एक कॉलम में लिखा कि इंदिरा गांधी ने आपातकाल लगाने की जो गलती की थी, उसके लिए जनता उनको दंडित कर चुकी है। अब ये मुद्दा पुराना हो गया है, जिसे दफ्न कर देना चाहिए। देश में मौजूदा स्थिति की तुलना में आपातकाल की अवधि बेहतर थी। उन्होंने आगे लिखा कि राजनीति और मीडिया को वर्तमान पीढ़ी के अतीत के बारे में कोई चिंता नहीं है। देश की मौजूदा स्थिति के बारे में कोई भी बता सकता है कि 1975 में हालात बेहतर थे।
हाल में में राहुल गांधी ने कॉर्नेल विश्वविद्यालय के प्रोफेसर कौशिक बसु के साथ वर्चुअल बातचीत में आपातकाल को एक गलती बताई थी। जिस पर राउत ने कहा कि राहुल एक स्पष्ट और सरल व्यक्ति हैं। 1975 का आपातकाल असाधारण परिस्थितियों में लगाया गया था। जनता ने पहले सबक सिखाते हुए इंदिरा गांधी को सत्ता से बाहर कर दिया। इसके बाद फिर माफ करते हुए उन्हें सत्ता में ले आई। जिस वजह से इस पर चर्चा की जरूरत नहीं है।
बॉलीवुड में IT रेड पर कही ये बात
हाल ही में आयकर विभाग की टीम ने डायरेक्टर अनुराग कश्यप और तापसी पन्नू के घर पर छापेमारी की थी। साथ ही करोड़ों की टैक्स चोरी का दावा किया था। जिस पर राउत ने कहा कि जो भी सरकार की नीतियों के खिलाफ बोल रहा उसके यहां छापे मारे जा रहे। वाशिंगटन पोस्ट ने राजद्रोह के आरोप में जलवायु कार्यकर्ता दिशा रवि की गिरफ्तारी की बात करते हुए मोदी सरकार में 'अघोषित आपातकाल' पर सवालिया निशान उठाया है।












Click it and Unblock the Notifications