किसानों को खालिस्तानी कहे जाने पर भड़की शिवसेना, BJP आईटी-सेल की नाजी गोएबल्स से तुलना
नई दिल्ली। किसान आंदोलन को खालिस्तानी आतंकवाद से जोड़े जाने पर महाराष्ट्र में वर्तमान सत्ताधारी और बीजेपी की पूर्व सहयोगी रही शिवसेना ने तीखा हमला बोला है। शिवसेना के मुखपत्र में किसानों के आंदोलन में खालिस्तानी तत्व के आरोपों को लेकर बीजेपी की आईटी सेल को नाजी गोएबल्स का पिता बता डाला। गोएबल्स जर्मनी के डिक्टेटर एडोल्फ हिटलर को प्रचार मंत्री हुआ करता था जिसे झूठ फैलाने में महारत हासिल थी।

शिवसेना के मुखपत्र में लिखे गए संपादकीय में किसान आंदोलन को लेकर बीजेपी पर जमकर हमला बोलते हुए कहा गया है कि बीजेपी देश को अराजकता क ओर धकेल रही है। सामना में लिखा गया है "खालिस्तान मुद्दा खत्म हो गया है लेकिन खूंखार आतंकियों से खालिस्तान को जोड़कर अराजकता फैलाने की कोशिश की जा रही है। खासतौर पर ये दिखाकर कि खालिस्तान किसानों के विरोध प्रदर्शन का हिस्सा है। गोएबल्स के पिता बीजेपी आईटी सेल के कमांडर बन गए हैं।"
देश में भय फैला रही बीजेपी- शिवसेना
शिवसेना ने बीजेपी पह हमला करते हुए कहा कि "बीजेपी राजनीतिक फायदा लेने के लिए देश में भय और आतंक का माहौल पैदा कर रही है। वे दिखाना चाह रहे हैं कि वही एक रक्षक हैं। ये उनकी रणनीति है। लोगों को शांत करने के बजाय इनकी रूचि अशांति भड़काने में है।"
लेख में आगे कहा गया है कि "सरकार के पास मीडिया का नियंत्रण है, सिस्टम पर उसका नियंत्रण है, बावजूद इसके वह किसानों का प्रदर्शन और भारत बंद को नहीं रोक सकी। सरकार प्रायोजित अराजकता को ये मुंहतोड़ जवाब है।"
आपातकाल से की तुलना
लेख में 1975 के आपातकाल से तुलना करते हुए कहा गया है कि उस समय पीएम इंदिरा गांधी को खतरा महसूस हो रहा था। सामना ने ये लिखा कि उस समय विपक्ष अराजकता ला रहा था। "उस समय केंद्रीय मंत्रियों की हत्या हुई थी। ट्रेन सेवाएं रोक दी गई थीं। तब चिंतित प्रधानमंत्री (इंदिरा गांधी) ने विपक्ष पर अराजकता फैलाने का आरोप लगाया था। लेकिन आज ऐसा कुछ भी नहीं हो रहा है। विपक्ष केवल चाह रहा है कि सरकार किसानों का पक्ष भी सुने।"












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