दिल्ली दंगों में 'मौत के तांडव' पर बोले संजय राउत, हम अनाथों की दुनिया बना रहे हैं

नई दिल्‍ली। कहीं मंदिरों में दीया नहीं
कहीं मस्जिदों में दुआ नहीं
मेरे शहर में हैं खुदा बहुत
मगर आदमी का पता नहीं

ये लाइनें शिवसेना के सांसद संजय राउत ने पार्टी के मुखपत्र 'सामना' के एक कॉलम में दिल्‍ली दंगों को लेकर लिखा है। उन्होंने कहा है कि दिल्ली के दंगों का दृश्य विदारक है। मौत का अमानवीय तांडव देखकर यमराज भी इस्तीफा दे देंगे। हिंदू-मुसलमानों के मासूम बच्चे अनाथ हो गए। हम अनाथों की नई दुनिया बना रहे हैं। मुदस्सर खान के बच्चे का फोटो दुनियाभर में प्रकाशित हुआ। वो फोटो कलेजा चीरनेवाला है। उन्‍होंने लिखा है कि ये तस्‍वीरें दिल्‍ली दंगा की असलियत बयां करती हैं।

दिल्ली दंगों में मौत के तांडव पर बोले संजय राउत, हम अनाथों की दुनिया बना रहे हैं

जब जातीय और धार्मिक दंगे होते हैं तब इंसानियत दिखानेवाले कई संगठनों द्वारा इसे भुनाया जाता है। इसके लिए 'भाईचारा' यह घिसा-पिटा शब्द प्रचलित है। मानवता खो चुकी राजनीति, उस राजनीति से निर्माण होनेवाला निघृण धार्मिक उन्माद और उस उन्माद से पैदा किया गया नया राष्ट्रवाद देश के बचे-खुचे इंसानों को मार रहा है। संजय राउत ने लिखा, यह सच्चाई एक बार फिर दिल्ली के दंगों में दिखी। जब जातीय और धार्मिक दंगे होते हैं तब इंसानियत दिखाने वाले कई संगठनों द्वारा इसे भुनाया जाता है। इसके लिए 'भाईचारा' घिसा-पिटा शब्द प्रचलित है। मानवता खो चुकी राजनीति, उस राजनीति से निर्माण होने वाला धार्मिक उन्माद और उस उन्माद से पैदा किया गया नया राष्ट्रवाद देश के बचे-खुचे इंसानों को मार रहा है।

शिवसेना सांसद ने कहा कि दंगे, अकाल, बाढ़ में कितने लोग मर गए, इसके आंकड़े आते हैं। लेकिन इन सब में कितने बच्चे अनाथ व लावारिस हुए, इसके आंकड़े आने बाकी हैं। दिल्ली हिंसा के बाद एक निरपराध बच्चे की फोटो दुनियाभर में प्रकाशित हुई। बाप की लाश के पास ये बच्चा क्रंदन कर रहा है। ये फोटो देखकर भी कोई हिंदू-मुसलमान ऐसा खेल करता रहेगा तो इंसान की हैसियत से जीने के लायक नहीं होगा।

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