कोरोना संकट के बीच PSAके तहत नज़रबंद महबूबा मुफ्ती को उनके घर किया शिफ्ट, लेकिन जारी रहेगी हिरासत
Shifted under house arrest of Mehbooba Mufti under PSA, but detention to continueकोरोना संकट के बीच PSAके तहत नज़रबंद महबूबा मुफ्ती को शिफ्ट किया उनके घर, लेकिन जारी रहेगी हिरासत
नई दिल्ली। भारत में कोरोना का प्रकोप तेजी से बढ़ता जा रहा हैं। भारत में 4,421 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं और अब तक 114 पॉजिटिव लोगों को मौत हो चुकी है। कोरोना कोरोनावायरस संक्रमण पर नियंत्रित पाने के लिए पीएम मोदी ने पूरे देश में 21 दिनों का लॉकडाउन लगाया हैं। इसी लॉकडाउन में जम्मू -कश्मीर की पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती को बड़ी राहत मिली हैं।पूरे देश में लगाए गए लॉकडाउन के बीच जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने जम्मू-कश्मीर की पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती को उनके घर में शिफ्ट कर दिया गया हैं।
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पीएसए के तहत हिरासत में रखा गया था
बता दें उन्हें 5 अगस्त को जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 30 को रद्द किए जाने के बाद जनसुरक्षा कानून (पीएसए) के तहत हिरासत में रखा गया था। हालांकि उनके घर भेजे जाने के बाद भी हिरासत उनके घर में भी जारी रहेगी। मालूम हो कि पिछले वर्ष जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने और उसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांटे जाने के फैसले के बाद महबूबा मुफ्ती, फारुक अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला सहित कई नेताओं को हिरासत में लिया गया था और उन सभी को जनसुरक्षा कानून (पीएसए) के तहत हिरासत में रखा गया था।
पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को आठ महीने किया गया था रिहा
गौरतलब हैं कि इससे पहले जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को जिनको भी जनसुरक्षा कानून (पीएसए) के तहत हिरासत में रखा गया था उन्हें भी लगभग आठ महीने बाद मार्च के आखिरी सप्ताह में हिरासत से रिहा कर दिया गया। उनके खिलाफ जनसुरक्षा कानून (पीएसए) के तहत लगाए गए आरोप हटाकर उनकी रिहाई का आदेश जारी किया गया था। रिहा होने के बाद उन्होंने कहा था कि पहला काम कोविड-19 से मुकाबला करना है और वह राजनीतिक हालात पर विस्तार से बाद में बात करेंगे।

221 दिन के बाद फारूक अब्दुल्ला को रिहा किया गया था
अब्दुल्ला से पहले उनके पिता फारूक अब्दुल्ला को हिरासत से रिहा किया गया था। पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला को 221 दिन की हिरासत में रखने के बाद 13 मार्च को रिहा कर दिया गया थाहिरासत से रिहा होने के बाद उमर ने पीडीपी नेता और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती समेत हिरासत में बंद अन्य सभी लोगों को रिहा करने की भी मांग की थी। उमर अब्दुल्ला ने रिहा होने के बाद कहा था कि इस केंद्रशासित प्रदेश के भीतर एवं बाहर हिरासत में रखे गए लोगों की रिहाई के साथ ही हाईस्पीड मोबाइल इंटरनेट सेवा बहाल की जाए।












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