दबे रहें घोटाले- शीला दीक्षित का हाथ केजरीवाल के साथ
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) दिल्ली की 15 सालों तक मुख्यमंत्री रहीं शीला दीक्षित का केजरीवाल को लेकर अनुराग इन दिनों साफ तौर पर दिख रहा है। हालांकि कुछ जानकार कह रहे हैं कि दीक्षित इसलिए केजरी कोसाथ और समर्थन दे रही हैं ताकि उनके शासनकाल के दौरान हुए घोटालों के केस कभी सामने ना आएं।
इफ्तार में शिरकत
शीला दीक्षित ने अपनी पार्टी के ना चाहने के बावजूद केजरीवाल के इफ्तार समारोह में भाग लिया। हालांकि कांग्रेस के कई नेता उनके केजरीवाल की इफ्तार में जाने से खफा थे। इनमें प्रदेश प्रमुख अजय माकन तथा सुभाष चोपड़ा शामिल हैं।
सोनिया ने नहीं बुलाया
बता दें कि कांग्रेस आला कमान भी केजरीवाल को पसंद नहीं करता। सोनिया गांधी की इफ्तार की दावत में केजरीवाल को नहीं बुलाया गया था। केजरीवाल लगातार कांग्रेस पर घटिया बयान देते रहते हैं।
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केजरी का साथ
अब शीला दीक्षित ने केजरीवाल की इस मांग का जोरदार तरीके से समर्थन करना चालू कर दिया है कि दिल्ली में पुलिस महकमा दिल्ली सरकार के अंतर्गत काम करे। अभी तक दिल्ली पुलिस केन्द्र सरकार के गृह मंत्रालय के अंतर्गत काम करता है।
क्यों नहीं की मांग
दिल्ली की सियासत के जानकार पूछ रहे हैं कि दीक्षित ने पुलिस विभाग से संबंधित मांग तब क्यों नहीं की जब वे दिल्ली की मुख्यमंत्री थी तथा केन्द्र में यूपीए यानी कांग्रेस की सरकार की थी।
केजरीवाल की मांग
केजरीवाल आजकल लगातार मांग कर रहे हैं कि दिल्ली पुलिस को दिल्ली सरकार को दिया जाए। राजधानी के आनंद पर्वत इलाके में एक लड़की के सरेआम कत्ल के बाद तो ये मांग वे और जोरदार तरीके से करने लगे हैं। केजरीवाल कह रहे हैं कि हमारे हाथ बंधे हुए हैं। जब तक हमें दिल्ली पुलिस का महकमा नहीं मिलेगा, हम कुछ नहीं कर सकते।













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