CAA प्रोटेस्ट में पहुंचे शायर राहत इंदौरी, बोले- पीएम किसी पढ़े-लिखे शख्स से समझें, क्या है संविधान
CAA: शायर राहत इंदौरी बोले- मोदी पढ़े-लिखे शख्स से समझें क्या है संविधान
नई दिल्ली। उर्दू जुबान के मशहूर शायर राहत इंदौरी ने नागिरकता कानून की कड़ी मुखालफत की है। राहत ने कहा, ये कानून संविधान के खिलाफ है, इस बात को हर पढ़ा-लिखा इंसान कह रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही नहीं मान रहे हैं। मैं पीएम से कहूंगा कि उन्हें किसी शिक्षित व्यक्ति से देश का संविधान पढ़वाकर समझने की कोशिश करनी चाहिये कि इसमें दरअसल क्या लिखा है।

नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी के खिलाफ इंदौर के बड़वाली चौकी पर तीन हफ्ते से लोग धरने पर बैठे हैं। गुरुवार रात राहत इंदौरी ने यहां पहुंचकर अपना समर्थन दिया। धरने में बोलते हुए राहत इंदौरी ने कहा, कोई भी शरीफ आदमी चाहे वह हिंदू, मुस्लिम, सिख या ईसाई हो, वह इस कानून से इत्तेफाक नहीं रखता। मैं पीएम नरेंद्र मोदी से दरख्वास्त करता हूं कि अगर वह संविधान पढ़ नहीं पाये हैं, तो किसी पढ़े-लिखे आदमी को बुला लें और उससे संविधान पढ़वाकर समझने की कोशिश करें कि इसमें क्या लिखा है।
राहत इंदौरी ने इस दौरान शायरी के जरिए से भी सरकार को निशाने पर लिया, उन्होंने इस दौराने ये शेर पढ़े-
आंखों में पानी रखों, होंठो पे चिंगारी रखो,
जिंदा रहना है तो तरकीबे बहुत सारी रखो.
मैं वहीं कागज हूं, जिसकी हुकूमात को हैं तलब,
दोस्तों मुझ पर कोई पत्थर जरा भारी रखो।
...
उठा शमशीर, दिखा अपना हुनर, क्या लेगा,
ये रही जान, ये गर्दन है, ये सर, क्या लेगा...
एक ही शेर उड़ा देगा परखच्चे तेरे,
तू समझता है ये शायर है, कर क्या लेगा।
...
जो आज साहिब-ए-मसनद हैं कल नहीं होंगे,
किरायेदार हैं, कोई ज़ाती मकान थोड़ी है...
सभी का खून है शामिल यहां की मिट्टी में,
किसी के बाप का हिन्दोस्तान थोड़ी है।












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