सोनिया मौजूद, फिर भी थरूर ने नहीं लगाए सरकार विरोधी नारे
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) शशि थरूर कुछ अलग तो हैं। वे कांग्रेस में होते हुए भी कांग्रेसी पूरी तरह से नहीं हैं। कल लोकसभा में कसकर हंगामा हो रहा था। विपक्ष का आरोप था कि सरकार के विदेशों में पड़े काले धन को 100 दिनों के भीतर देश में लाने का वादा पूरा नहीं हुआ। विपक्ष नारेबाजी कर रहा था।

नारेबाजी करने से बचे थरूर
कांग्रेसी सांसद भी नारेबाजी कर रहे थे सरकार के खिलाफ। पर शशि थरूर अपने साथियों से अलग सदन में कोई किताब के पन्ने पलट रहे थे। उनसे कांग्रेस के सचेतक और रोहतक से सांसद दीपेन्द्र सिंह हुड्डा बार-बार नारेबाजी करने के लिए कह रहे थे, पर थरूर नहीं माने। वे शांत भाव से अपनी सीट पर बैठकर किताब पढ़ते रहे।
सदन से बाहर भी गए थरूर
जानकारों ने बताया कि थरूर ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी उस समय नहीं की जब कांग्रेस पार्टी की अध्यक्ष सोनिया गांधी सदन में मौजूद थीं। और तो और, थरूर एक बार सदन से किसी काम के सिलसिले में बाहर भी गए जब नारेबाजी का दौर जारी था।
मूर्तिभंजक हैं थरूर
वरिष्ठ पत्रकार शशि झा कहते हैं कि थरूर मूर्तिभंजक हैं। वे पार्टी के अनुशासन को नहीं तोड़ते, पर वे हर मसले पर पार्टी की लाइन को भी नहीं मानते। इस कारण कांग्रेस के कई नेता उनसे खुंदक खाते हैं। उदाहरण के रूप में उन्होंने कुछ समय पहले प्रधानमंत्री मोदी के स्वच्छता अभियान की तारीफ की थी।












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