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मास्टर ऑफ रोस्टर का मनमाना इस्तेमाल नहीं कर सकती सीजेआईः शांति भूषण

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नई दिल्लीः पूर्व केंद्रीय कानून मंत्री और वरिष्ठ वकील शांति भूषण ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करके कहा है कि चीफ जस्टिस के रोस्टर सिस्टम के एकाधिकार को चुनौती दी है। शांति भूषण ने कहा कि बेंच निर्धारण (रोस्टर सिस्टम) करना सीजेआई का एकाधिकार नहीं है। याचिका में मांग की गई है कि रोस्टर सिस्टम में पांच सबसे सीनियर जजों को शामिल किया जाना चाहिए।

शांति भूषण ने दायर की याचिका

शांति भूषण ने दायर की याचिका

शांति भूषण का कहना है कि 'मास्टर ऑफ रोस्टर' सीजेआई के पास ऐसी अनियंत्रित शक्तियां नहीं हो सकती हैं, जिन्हें वो जजों को केस आवंटित करते वक्त मनमाने तरीके से इस्तेमाल करें। साथी ही याचिका में कहा गया है कि ऐसे मामलों में उन्हें सीनियर जजों से मशविरा लेना चाहिए।

 प्रशांत भूषण के जरिए दायर कराई याचिका

प्रशांत भूषण के जरिए दायर कराई याचिका

शांति भूषण ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका अपने बेटे वकील प्रशांत भूषण के जरिए दायर कराई है। प्रशांत भूषण ने सुप्रीम कोर्ट अदालत के सेक्रटरी जनरल को एक भी पत्र लिखकर कहा है कि यह याचिका प्रधान न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ के सामने सूचीबद्ध नहीं की जानी चाहिए।

शांति भूषण ने कही ये बात

शांति भूषण ने कही ये बात

शांति भूषण ने कहा कि वो इस याचिका के जरिए पसंदीदा बेंच को केस आवंटित करने और कोर्ट प्रक्रिया में बरती जा रही मनमानी को सामने ला रहे हैं। ऐसी परंपरा न्याय व्यवस्था की स्वतंत्रता के लिए गंभीर खतरा है। किसी मामले को अपने हिसाब से खास बेंच में भेजने से कोर्ट के कामकाज पर उठेंगे।

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English summary
Shanti Bhushan PIL in Supreme Court on CJI’s power as ‘master of roster’
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