फेमस यूट्यूबर शादाब जकाती की गिरफ्तारी की मांग क्यों? '10 रुपए वाला बिस्कुट' Video से हुए थे वायरल
Shadab Zakati Controversy: शादाब जकाती (Shadab Zakati), जो अपने वायरल वीडियो '10 रुपये का बिस्कुट कितने का है जी' से सोशल मीडिया (Social Media) पर छाए थे, अब एक नई रील (Viral Reel) की वजह से मुश्किल में हैं। जहां उनके पुराने वीडियो ने उन्हें प्रसिद्धि दिलाई और दुबई तक पहुंचाया, वहीं यह नया वीडियो (New Video) उन्हें ट्रोलिंग (Trolling) का शिकार बना रहा है। इस रील में शादाब ने एक आपत्तिजनक स्क्रिप्ट का इस्तेमाल किया है, जिसने उनके प्रशंसकों को निराश कर दिया है।
सोशल मीडिया यूजर्स (Social Media Users) इस कंटेंट को बच्चों की सुरक्षा और नैतिकता (Child Safety and Morality) के विपरीत बता रहे हैं, जिसके कारण उन्हें भारी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। यह घटना दर्शाती है कि प्रसिद्धि के साथ-साथ कंटेंट क्रिएटर्स (Content Creators) को अपनी जिम्मेदारी का भी ध्यान रखना चाहिए।

'बिस्कुट' से 'बवाल' तक: प्रसिद्धि का सफर
शादाब जकाती को असली पहचान उनके वायरल वीडियो '10 रुपये का बिस्कुट कितने का है जी' से मिली थी। इस एक कैचफ्रेज़ ने उन्हें रातों-रात इंटरनेट सेंसेशन (Internet Sensation) बना दिया। उनकी लोकप्रियता इतनी बढ़ी कि सोशल मीडिया के हर प्लेटफॉर्म (Social Media Platforms) पर उनके वीडियो छा गए, और वह देश-विदेश में पहचाने जाने लगे। यह वीडियो उनके लिए दुबई (Dubai) तक पहुंचने का जरिया बन गया, जहां उन्होंने अपनी प्रसिद्धि को भुनाया। हालांकि, उनकी हालिया रील ने उनकी इस बनाई-बनाई इज्जत को खतरे में डाल दिया है, जिससे यह साफ होता है कि वायरल कंटेंट की दुनिया में छवि बनाए रखना कितना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। यह दिखाता है कि एक गलत कदम कितनी जल्दी प्रशंसकों को निराश कर सकता है।
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विवादित स्क्रिप्ट: 'पप्पी ही दे दो' का माजरा
नए वीडियो में, शादाब जकाती एक दुकानदार का किरदार निभाते हैं। एक छोटी बच्ची उनकी दुकान से चिप्स-बिस्किट (Chips-Biscuit) खरीदती है और कहती है कि उसकी मम्मी पैसे दे देंगी। बच्ची के जाने के बाद, शादाब कहते हैं कि अगर बच्ची इतनी खूबसूरत है, तो उसकी मम्मी कितनी खूबसूरत होगी। इसके बाद, वह बच्ची के घर पहुंचते हैं और सामान के पैसों के बदले बच्ची की मम्मी को एक 'पप्पी ही दे दो' (Kiss) कहने का आपत्तिजनक डायलॉग बोलते हैं। यही लाइन विवाद की जड़ बन गई। सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि इस तरह का वाहियात और भद्दा कंटेंट (Vulgar Content) खासकर बच्चों की मौजूदगी में, पूरी तरह से गैर-जिम्मेदाराना (Irresponsible) है और नैतिकता के सभी मानदंडों का उल्लंघन करता है।
भड़के फैंस और सोशल मीडिया ट्रोलिंग
जैसे ही शादाब जकाती की यह नई रील सोशल मीडिया पर आई, लोग भड़क उठे और उन्हें बुरी तरह ट्रोल करना शुरू कर दिया। ट्विटर (अब X) पर @JaikyYadav16 जैसी आईडी ने पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि शादाब ने 'बनी बनाई इज्जत मिट्टी में मिला दिया।' कई यूजर्स ने उनकी स्क्रिप्ट को 'वाहियात और भद्दी' बताया। एक यूजर ने गंभीर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि 'बच्चों के सामने ऐसी बातें करना ना मजाक है, ना कंटेंट, ये सीधी-सीधी जिम्मेदारी की कमी है। सोशल मीडिया पर वायरल होने से ज्यादा जरूरी है नैतिकता और बच्चों की सुरक्षा।' प्रशंसकों का मानना है कि जिस भरोसे के साथ उन्होंने शादाब को पसंद किया था, वह अब इस तरह के कंटेंट से टूट गया है।
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जिम्मेदारी की कमी और कंटेंट की नैतिकता
इस पूरे विवाद ने कंटेंट क्रिएटर्स (Content Creators) की जिम्मेदारी और नैतिकता (Ethics) पर एक बहस छेड़ दी है। प्रसिद्धि पाने के बाद, क्रिएटर्स से उम्मीद की जाती है कि वे अपने प्रभाव को समझते हुए संवेदनशील और सुरक्षित कंटेंट (Safe Content) पेश करें। शादाब जकाती के मामले में, जिस तरह से उन्होंने बच्चों से जुड़े एक दृश्य में आपत्तिजनक डायलॉग का इस्तेमाल किया, उसने उनकी नैतिकता पर सवाल खड़े किए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल होने की होड़ में, क्रिएटर्स अक्सर सीमाएं लांघ जाते हैं, जिसका नकारात्मक प्रभाव उनके दर्शकों और विशेष रूप से बच्चों पर पड़ सकता है। यह घटना सभी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स (Social Media Influencers) के लिए एक सबक है कि उन्हें अपने कंटेंट की स्क्रिप्टिंग (Scripting) में अत्यधिक सावधानी बरतनी चाहिए।
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