CoWIN प्लेटफॉर्म को लेकर कई देशों ने दिखाई रुचि, विदेश मंत्रालय और नेशनल हेल्थ अथॉरिटी मिलकर करेगी काम
नई दिल्ली, जुलाई 05: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार (05 जुलाई) को कोविन ग्लोबल कॉन्क्लेव को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि कोई भी राष्ट्र कितना भी मजबूत और शक्तिशाली क्यों ना हो लेकिन वह इस तरह की महामारी का सामना अकेले नहीं कर सकता है। वहीं इसके अलावा उन्होंने बताया कि कोरोना पर जीत पाने के लिए वैक्सीनेशन एक उम्मीद है। इसके साथ ही कहा कि भारत ने शुरू से ही वैक्सीनेशन अभियान को डिजिटल माध्यम से जोड़ा है और हम कोविन ऐप को लेकर पूरी दुनिया की मदद करने को तैयार हैं। वहीं अब सूत्रों से खबर सामने आ रही है कि कई देशों ने CoWIN प्लेटफॉर्म को अपनाने में रुचि दिखाई है।
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सूत्रों के मुताबिक भारत में वैक्सीनेशन के लिए अपनाए गए कोविन डिजिटल प्लेटफॉर्म को लेकर अब कई देशों ने अपनी इच्छा जाहिर की है। इच्छुक देशों के लिए विदेश मंत्रालय और नेशनल हेल्थ अथॉरिटी मिलकर काम करेगा। बता दें कि वियतनाम, लाओ पीडीआर, साइप्रस, क्रोएशिया, सिएरा लियोन, जाम्बिया, मालदीव, मलावी और गुयाना जैसे देश पहले ही कोविन में अपनी रुचि दिखा चुके हैं। वहीं इस प्लेटफॉर्म को WHO के COVID टेक्नोलॉजी एक्सेस पूल (C-TAP) को भी पेश किया जा रहा है।
भारत की ओर से यह सुविधा मुफ्त में उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं कोविन को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ.हर्षवर्धन ने बताया कि हम अपनी कोविन प्लेटफॉर्म तकनीक को पूरी दूनिया को देने के लिए उत्साहित है। मुझे उम्मीद है कि भारत के कोविन प्लेटफॉर्म से सभी देशों को फायदा होगा। आपको बता दें कि कोविन ग्लोबल कॉन्क्लेव में अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, मालदीव, गुयाना, एंटीगुआ और बारबुडा, सेंट किट्स एंड नेविस और जाम्बिया सहित 142 देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।












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