चेन्नई पर बरपा चक्रवाती तूफान वरदा का कहर, अब तक 10 लोगों की मौत
वरदा चक्रवाती तूफान के बारे में लगाया गया मौसम विभाग का पूर्वानुमान फेल हो गया। यह पूरी ताकत के साथ चेन्नई शहर की बर्बादी बनकर आया।
चेन्नई। जैसा कि मौसम विभाग ने अनुमान लगाया था कि चक्रवाती तूफान वरदा चेन्नई तक आते-आते कमजोर होगा, वैसा नहीं हुआ। 140 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से यह चक्रवाती तूफान कहर बनकर चेन्नई पर बरपा और यह अब तक कम से कम दस लोगों की जान ले चुका है।
चिंता की बात यह है कि मौसम विभाग ने कहा है कि अगले 24 घंटे तक चेन्नई के अलावा कांचीपुरम, विल्लुपुरम और तिरूवल्लूर जिले में लगातार बारिश होने की संभावना है। मौत की खबरें इन्हीं जिलों से आई हैं।

मरनेवालों में 3 साल का बच्चा समेत चार महिलाएं
चक्रवाती तूफान चेन्नई शहर के अंदर घुस गया और इससे अब तक कम से कम दस लोगों की जान जाने की खबर है। इसमें 3 साल का एक बच्चा भी है। मरनेवालों में चार महिलाएं हैं।
चेन्नई में 4, कांचीपुरम में 2, तिरूवल्लूर में 2, विल्लुपुरम में 1 और नागापट्टनम में 1 के मरने की खबर है।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पन्नीरसेल्वम ने साइक्लोन में मरनेवालों के परिजनों को स्टेट रिलीफ फंड से 4 लाख रुपए मुआवजा देने का एलान किया है।
मौसम विभाग का अनुमान हुआ फेल
वरदा की वजह से हुई मौतों के आंकड़ों में इजाफा हो सकता है। इस चक्रवात के बारे में मौसम विभाग ने जो अनुमान लगाया था, वह फेल हो गया। इस बारे में स्काइमेट वेदर चीफ मौसम विज्ञानी महेश पलावत ने कहा, 'वरदा के बारे में जितना अनुमान लगाया गया था, यह उतना कमजोर नहीं हुआ। जब वरदा चेन्नई के उत्तरी तट पर आया तो यह बहुत भीषण रूप में था।'
साइक्लोन की वजह से सैकड़ों पेड़ गिरे
इस चक्रवात की भीषणता का अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि चेन्नई शहर के सैकड़ों पेड़ों को इसने गिरा दिया जिसकी वजह से कई जगहों पर सड़कें जाम हो गईं।
तटीय इलाकों के कई मकान ध्वस्त हो गए हैं। शहर में कई जगहों से दीवार गिरने की खबरें आ रही हैं। कई इलाकों में बिजली गुल है क्योंकि इलेक्ट्रिक पोल और केबल को चक्रवात ने नुकसान पहुंचाया है। शहर में कई फोन टावर्स गिर गए हैं।












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