स्वदेसी कोरोना वैक्सीन का बढ़ेगा प्रोडक्शन, सीरम इंस्टीट्यूट और भारत बायोटेक ने भेजी अगले 4 महीने की रिपोर्ट
नई दिल्ली, मई 12: कोरोना की दूसरी लहर के बीच देशभर में वैक्सीनेशन का चल रहा है। इस बीच कोविड-19 वैक्सीन की कमी को लेकर कई राज्यों ने अपनी परेशानी बताई है। इस बीच सीरम इंस्टीट्यूट और भारत बायोटेक ने केंद्र को अगले चार महीनों के लिए अपनी उत्पादन योजना पेश की है, जिसमें बताया गया है कि वे इसे अगस्त तक क्रमशः 10 करोड़ और 7.8 करोड़ तक बढ़ा सकते हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने दोनों कंपनियों से जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर के लिए उत्पादन योजना मांगी थी।

हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक के स्वदेशी रूप से विकसित कोवैक्सीन और ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका के कोविशिल्ड को पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा निर्मित किया जा रहा है, वर्तमान में इसका उपयोग भारत में चल रहे कोरोना टीकाकरण में किया जा रहा है।
भारत बायोटेक के निदेशक डॉ. वी कृष्ण मोहन ने सरकार को बताया कि कोवैक्सीन का उत्पादन जुलाई में 3.32 करोड़ और अगस्त में 7.82 करोड़ हो जाएगा, जो सितंबर में भी बरकरार रहेगा। इसी तरह सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के सरकारी और नियामक मामलों के निदेशक प्रकाश कुमार सिंह ने बताया कि कोविशिल्ड का उत्पादन अगस्त में 10 करोड़ खुराक तक बढ़ जाएगा और सितंबर में उस स्तर पर बनाए रखा जाएगा।
प्रकाश कुमार सिंह ने स्वास्थ्य मंत्रालय को भेजे गए पत्र में कहा कि हम पुष्टि करते हैं कि किसी भी परिस्थिति में बताई गई मात्रा पूरी की जाएगी। साथ ही हम कोविशील्ड की हमारी उत्पादन क्षमता को बढ़ाने के लिए सभी संसाधनों का प्रयोग करने की भरसक कोशिश कर रहे हैं। इसे देखते हुए जून और जुलाई के दौरान उत्पादन को संभवत कुछ मात्रा तक बढ़ाया जा सकता है।












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