राहुल गांधी की 'भारत जोड़ो यात्रा' को लेकर अहम जानकारी आई सामने, जानें कब शुरू होगा दूसरा चरण?
कांग्रेस नेता और सांसद राहुल गांधी की 'भारत जोड़ो यात्रा' का पहला चरण सफल रहा था। अब खबर आ रही है कि, राहुल गांधी जल्द ही भारत जोड़ो यात्रा के दूसरे चरण की शुरुआत करने वाले हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत जोड़ो यात्रा के दूसरी चरण की तैयारियों को अंतिम रूप दिए जाने के बाद दिसंबर 2023 से शुरू हो सकती है। सूत्रों के मुताबिक यात्रा का दूसरा चरण फरवरी 2024 तक चलने वाला है।

सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी के नेतृत्व में भारत जोड़ो यात्रा 2.0 हाइब्रिड मोड में होगी। जिसमें भारत यात्री पैदल मार्च के साथ-साथ वाहनों का भी उपयोग करेंगे। कांग्रेस नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने सितंबर 2023 में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उल्लेख किया था कि पार्टी यात्रा के दूसरे चरण की योजना बना रही है और यह योजना "निर्माणाधीन" है।
कांग्रेस कार्य समिति के सदस्यों ने भी राहुल गांधी से एक और भारत जोड़ो यात्रा शुरू करने का आग्रह किया था। इस बार पूर्व से पश्चिम तक की यात्रा करेंगे। ये यात्रा पिछली यात्रा से अलग होगी। पिछली बार राहुल गांधी ने पैदल यात्रा की थी जबकि इस बार कहीं पैदल तो कहीं गाड़ियों के जरिए इस यात्रा को पूरा किया जाएगा।
सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि राहुल भारत जोड़ा यात्रा के दूसरे चरण की शुरुआत गुजरात के पोरबंदर से कर सकते हैं। साथ ही इसका समापन अरुणाचल प्रदेश को लोहित जिले के परशुराम कुंड में हो सकता है। इससे पहले महाराष्ट्र कांग्रेस प्रमुख नाना पटोले ने कहा था कि यात्रा गुजरात के पोरबंदर से शुरू होगी और मेघालय में समाप्त होगी। हालांकि अभी तक इसके रूट की जानकारी सामने नहीं आई है।
भारत जोड़ो यात्रा का पहला चरण 7 सितंबर, 2022 को तमिलनाडु के कन्याकुमारी से शुरू हुआ था। लगभग 4,080 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए यात्रा जनवरी 2023 में जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में समाप्त हुई थी। भारत जोड़ो यात्रा के दौरान, राहुल गांधी ने 12 सार्वजनिक बैठकें, 100 से अधिक नुक्कड़ सभाएं और 13 प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया।
यात्रा 126 दिनों में 12 राज्यों के 75 जिलों से होकर गुजरी, जो भारत की सबसे लंबी पैदल यात्रा थी। कांग्रेस नेता और यात्रा के अन्य प्रतिभागी उन राज्यों में सार्वजनिक रैलियों के साथ-साथ लोगों के जमीनी स्तर पर भी संवाद किया था। राहुल गांधी की इस यात्रा का प्राथमिक उद्देश्य केंद्र-सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी की विभाजनकारी राजनीति के खिलाफ भारत को एकजुट करना था।












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