यूक्रेन से बेटी को निकालने का झांसा देकर ठगों ने महिला से ट्रांसफर कराए 42 हजार रुपए, बाद में फोन किया बंद
नई दिल्ली, फरवरी 26। यूक्रेन-रूस युद्ध की आड़ में भारत के अंदर साइबर क्राइम को अंजाम देने वाले ठगों ने ठगी करने का नया तरीका खोज निकाला है। दरअसल, यूक्रेन पर जब से रूस ने आक्रमण किया है, तभी से वहां फंसे भारतीय नागरिकों और छात्रों की चिंता यहां भारत में उनके परिवार कर रहे हैं। बस इसी चिंता की आड़ में ठगों ने ठगी का नया तरीका खोजा है। टाइम्स नाउ की एक खबर के मुताबिक, मध्य प्रदेश की एक महिला, जिसकी बेटी यूक्रेन में फंसी है, उसे वहां से निकालने का झांसा देकर जालसाजों ने उस महिला को 42000 रुपए का चूना लगा दिया है।

इस तरह ठगी को दिया अंजाम
रिपोर्ट के मुताबिक, मध्य प्रदेश की रहने वाली महिला, जिसका नाम वैशाली विल्सन है, उसे यूक्रेन में फंसी अपनी बेटी की लगातार चिंता हो रही थी। महिला ने सोशल मीडिया पर केंद्र और राज्य सरकार से मदद की गुहार लगाई, जिसके बाद स्कैमर की नजर वैशाली की पोस्ट पर पड़ गई। जालसाजों ने खुद को पीएमओ का एक कर्मचारी बताकर वैशाली से संपर्क किया और उसकी बेटी को यूक्रेन से निकालने का विश्वास दिलाया। स्कैमर ने वैशाली से फ्लाइट की टिकट कराने के लिए 42 हजार रुपए का अमाउंट ट्रांसफर कर लिया।
आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस
पैसे ट्रांसफर होने के बाद जालसाजों ने महिला से संपर्क करना बंद कर दिया। वैशाली ने जब ठगों को कई फोन किए तो उस कोई जवाब नहीं मिला। ऐसे में वैशाली काफी घबरा गई। हालांकि इस दौरान ठगों ने महिला को 5 हजार रुपए जरूर लौटा दिए और बाकि पैसे लौटाने के लिए कुछ नकली पर्चियां थमा दी। इसके बाद पीड़िता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई जिसके बाद पुलिस ने आरोपी का पता लगाया। आरोपी की पहचान प्रिंस नाम के एक शख्स के रूप में हुई है। वहीं पुलिस ने आरोपी के बैंक खाते को सीज कर दिया है और उसकी गिरफ्तारी के लिए एक टीम गठित की गई है।
विदेश मंत्रालय ने महिला को किया फोन
इस बीच, मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी और मेडिकल शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने महिला को उसकी बेटी को घर वापस लाने के लिए हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। विदेश मंत्रालय की ओर से भी महिला को फोन गया है और मदद का आश्वासन दिया है।












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