1993 के बाद के सभी कोयला ब्लॉक आवंटन रद्द होंगे!
नई दिल्ली। कोयला घोटाले की काली सच्चाई सामने आई है। सुप्रीम कोर्ट ने आज अपने मुख्य फैसले में कहा है कि दशकों से बांटे जा रहे कई कोयला ब्लॉक आवंटन गैर कानूनी थे। वर्ष1993 से जितने भी कोयले ब्लॉकों का आवंटन किया गया है। वह सभी आवंटन गैर कानूनी थे। जिसके आधार पर इस तरह के सभी आवंटनों को रद्द किया जा सकता है। जिससे कई उद्योगदपतियों और कई राजघरानों पर गाज गिरने की पूरी-पूरी आशंका है।

उच्चतम न्यायालय ने एक टिप्पणी में कहा है कि स्क्रीनिंग कमेटी की ओर से कोयला खादानों का आवंटन पारदर्शी तरीके से नहीं किया गया है। कोर्ट का कहना है कि यह आवंटन निष्पक्ष नहीं थे। आवंटन रद्द किए जा सकते हैं। हालाकि रद्द कब तक होंगे इसका फैसला अभी नहीं आया है। लेकिन खबर है कि रद्द करने को लेकर फैसला एक सितंबर तक आ सकता है।
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को अपने निर्णय में कहा कि कोयला ब्लॉक आवंटन तथ्यों पर आधारित नहीं थे। सुप्रीम कोर्ट के मुताबिक इस तर के आवंटनों में दिशा निर्देशों का उल्लंघन हुआ है। गैरकानूनी और नियमों के विपरीत जाकर किए गए हैं।












Click it and Unblock the Notifications