त्रिपुरा पुलिस को सुप्रीम कोर्ट की फटकार, लोगों को सोशल मीडिया पोस्ट के लिए परेशान करना बंद करें
नई दिल्ली, 08 फरवरी। त्रिपुरा में जिस तरह से कथित तौर पर सांप्रदायिक हिंसा के बाद पुलिस ने तमाम लोगों पर सोशल मीडिया पोस्ट के चलते केस दर्ज किया था, उसपर सुप्रीम कोर्ट ने प्रदेश सरकार को फटकार लगाई है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि लोगों को ट्वीट के लिए परेशान करना बंद कीजिए। सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और सूर्यकांत की पीठ ने प्रदेश सरकार को आगाह किया कि वह लोगों को सोशल मीडिया पोस्ट के लिए परेशान नहीं करे। अगर ऐसा किया गया तो वह गृह सचिव और संबंधित पुलिस अधिकारियों को समन करेंगे।

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में पत्रकार शब्बीर खान ने याचिका दायर की थी, इसपर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को फटकार लगाई है। त्रिपुरा पुलिस ने धारा 41ए के तहत लोगों के खिलाफ नोटिस जारी किया था। जिसपर कोर्ट ने कहा कि लोगों को परेशना नहीं करें और उन्हें इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट नहीं आना पड़े। यह उत्पीड़न नहीं है तो और क्या है।
कोर्ट ने इस मामले में सख्त रुख अख्तियार करते हुए कहा कि अगर हमे इस बात की जानकारी मिली कि पुलिस अधीक्षक नोटिस जारी कर रहे हैं और कोर्ट के आदेश का अनुपालन नहीं कर रहे हैं तो हम उन्हें कोर्ट बुलाएंगे और उनसे जवाब मांगेंगे। यही नहीं कोर्ट ने कहा कि जरूरत पड़ी तो हम गृह सचिव और अन्य अधिकारियों को भी कोर्ट में पेश होने के लिए कहेंगे।
शब्बीर खान की ओर से कोर्ट में पेश हुए अधिवक्ता शाहरुख आलम ने कोर्ट को बताया कि 10 जनवरी को अंतरिम आदेश पारित किया गया था और पुलिस को निर्देश दिया गया था कि वह खान के खिलाफ ट्वीट के चलते कार्रवाई ना करे। वहीं प्रदेश सरकार के वकील की ओर से इस मामले क दो सप्ताह के लिए स्थगित करने को कहागया था। जिसपर कोर्ट ने कहा कि आपने आज पेश होने के लिए नोटिस जारी किया था तो मामला स्थगित करने का क्या मतलब है।












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