सुप्रीम कोर्ट ने केन्द्र सरकार से एनपीए पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी
जब से सरकार ने नोटबंदी का फैसला किया है, तभी से विपक्ष एनपीए को लेकर भी मोदी सरकार पर निशाना साध रहा है।
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने केन्द्र सरकार कमेटी से कहा है कि वह सभी बैंकों के एनपीए पर एक विस्तृत रिपोर्ट पेश करें। इस मामले पर अगली सुनवाई 12 दिसंबर को की जाएगी। आपको बता दें कि जब से सरकार ने नोटबंदी का फैसला किया है, तभी से विपक्ष एनपीए को लेकर भी मोदी सरकार पर निशाना साध रहा है।

संसद में क्या लगा आरोप?
सीपीआई(एम) के महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा कि एनपीए एक बड़ा घोटाला है। पिछले दो साल में इसका आंकड़ा दोगुना हो चुका है। राज्यसभा में बुधवार को दिए गए जेटली के जवाब का जिक्र करते हुए येचुरी ने कहा कि वित्त मंत्री ने एनपीए पर जो भी कुछ कहा है, वह सब गलत था।
किस बैंक का है कितना एनपीए
समाचार पत्र डीएनए की रिपोर्ट के अनुसार एसबीआई जब कर्जदारों से बकाया लोन वसूल करने में विफल रही तो उसने शीर्ष 100 विलफुट डिफाल्टरों में से 60 से अधिक पर बकाया 7,016 करोड़ रुपए के लोन को डूबा हुआ मान लिया है।
डीएनए की रिपोर्ट के अनुसार भारतीय स्टेट बैंक ने 63 डिफाल्टरों का पूरा कर्ज डूबा हुआ मान लिया है। वहीं 31 कर्जदारों का लोन आंशिक तौर डूबा हुआ माना गया है। इसके अलावा 6 अन्य कर्जदारों पर बकाया लोन को एनपीए घोषित कर दिया गया है।
आपको बताते चलें कि 30 जून 2016 तक एसबीआई 48 हजार करोड़ रुपए को डूबा हुआ मान चुका है। भारतीय स्टेट बैंक के इस फैसले के बाद विजय माल्या की किंगफिशर एयरलाइंस समेत अन्य 63 कर्जदारों का कर्ज बैंक की बैलेंसशीट से हटा देगा।
साथ ही इसके बाद कर्ज वसूलने की कोशिश भी नहीं की जाएगी। भारतीय स्टेट बैंक ने जिन लोगों का कर्ज डूबा हुआ मान लिया है, उनमें किंगफिशर एयरलाइंस 1201 करोड़ रुपए, केएस ऑयल 596 करोड़ रुपए, सूर्या फार्मास्यूटिकल 526 करोड़ रुपए, जीईटी पावर 400 करोड़ रुपए और साई इंफो सिस्टम 376 करोड़ रुपए शामिल हैं।












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