सतारा में भाजपा उम्मीदवार की हार के बाद VIRAL हो रही है शरद पवार की सभा की एक तस्वीर
सतारा। शुक्रवार को जहां एक तरफ महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के नतीजे आ रहे थे तो वहीं राज्य में लोकसभा की सीटों पर उपचुनावों के नतीजे भी आए। इन नतीजों में सतारा सीट का नतीजा चौंकाने वाला था। यहां पर बीजेपी के उदयनराज भोंसले को राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के उम्मीदवार श्रीनिवास पाटिल के हाथों करारी शिकस्त का मुंह देखना पड़ा। उदयनराज, छत्रपति शिवाजी के वंशज हैं और बीजेपी ने उनसे बड़ी उम्मीदें लगा रखी थीं। लेकिन पार्टी की सारी उम्मीदों पर एनसीपी मुखिया शरद पवार की आखिरी रैली ने 'पानी फेर' दिया।

18 अक्टूबर की है फोटो
एनसीपी चीफ शरद पवार ने सतारा में 18 अक्टूबर को सतारा में एक रैली की थी। जोरदार बारिश के बाद भी पवार वोटर्स को संबोधित करते रहे और उनकी एक तस्वीर तेजी से वायरल हो गई। बताया जा रहा है कि इस फोटो ने वोटर्स को पार्टी के लिए भावुक करने का काम किया। 21 अक्टूबर को जब विधानसभा चुनावों के साथ लोकसभा सीट के लिए भी वोट डाले गए तो पवार की रैली ने अपना जादू दिखा दिया। एनसीपी के पाटिल को उपचुनाव में 87,717 वोट्स मिले। हालांकि शुरुआती रूझानों में भोंसले लीड कर रहे थे मगर वह बढ़त बरकरार नहीं रख पाए। सिक्किम के राज्यपाल रहे भोंसले रिटायर्ड आइएएस ऑफिसर भी हैं। जब उपचुनावों के नतीजे आने शुरू हुए तो धीरे-धीरे पाटिल बढ़त बनाने लगे।

हार से हैरान भोसले
पहले पाटिल 10,000 वोटों से आगे हुए, फिर 30,000 और फिर वह करीब 80,000 वोटों से आगे हो गए। अंत में पाटिल को 6,15,008 वोट हासिल हुए तो उदयनराजे को बस 5,39, 241 वोटों से ही संतोष करना पड़ा। भोंसेल खुद अपनी हार से हैरान थे और उन्हें यकीन नहीं हो पा रहा था कि वह जीतते-जीतते अब हार चुके हैं। भोंसले ने तीन माह पहले सतारा सीट से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद ये यह सीट खाली थी। मई में हुए लोकसभा चुनावों में भोंसले ने एनसीपी के टिकट पर चुनाव लड़ा था। उन्हें 3.55 लाख वोट मिले थे और यह आंकड़ा इस बार 1.50 वोटों पर सिमट गया।

पहले घंटे में मिले पांच लाख से ज्यादा हिट्स
नतीजों के बाद भोंसले ने कहा, 'मैं लोकतंत्र के महाराजा की तरफ से दिए गए फैसले को स्वीकार करता हूं। जनता ही राजा है जिसने मेरे खिलाफ फैसला दिया है। मैंने सतारा के लोगों के लिए 20 से 25 साल तक बिना किसी मकसद के काम किया है और मेरी अपनी भी एक जिंदगी है। अब मैं चुप रहूंगा।' एनसीपी के नेताओं ने भी इस जीत को पार्टी मुखिया पवार को समर्पित किया। कार्यकर्ताओं की मानें तो बारिश के बावजूद पवार ने रैली जारी रखी और यह रैली चुनावों सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बन गई। बारिश में भीगते पवार की फोटो सोशल मीडिया पर छा गई और वायरल हो गई। पहले एक घंटे के अंदर ही इसे पांच लाख से ज्यादा हिट्स मिल गए थे।

पवार ने जीत का श्रेय तस्वीर को देने से किया इनकार
गुरुवार को जब पवार ने नतीजों के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस की तो उनसे इस रैली के बारे में भी सवाल किया गया। परन्तु एनसीपी चीफ ने इस बात को मानने से इनकार कर दिया के नतीजों में उनकी रैली को कोई योगदान है। उन्होंने कहा, 'बारिश बहुत तेज थी और करीब 50,000 लोग मुझे सुनने के लिए आए थे और उन्होंने अपनी कुर्सी को छाता बना डाला था। मैं उन्हें निराश नहीं कर सकता था। मैं इन सब में नहीं पड़ना चाहता कि फोटो कैसे वायरल हुई और किसने इसे वायरल किया।'












Click it and Unblock the Notifications