पन्नीरसेल्वम Vs शशिकला: राजनीतिक घमासान रोकने के लिए राज्यपाल के पास ये हैं विकल्प
राज्यपाल ने अभी तक उनके मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ नहीं किया है। राज्यपाल बीते 4 दिनों से तमिलनाडु की राजनीति पर नजर बनाए रखे हुए हैं।
नई दिल्ली। मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर तमिलनाडु की राजनीति में चल रहा घमासान अब तेज होता जा रहा है। इसे हाई वोल्टेज ड्रामे के बीच आज सबकी नजर राजभवन पर होगी। आज तमिलनाडु के राज्यपाल सीएच विद्यासागर राव चेन्नई पहुंच रहे हैं। सभी की नजरें राज्यपाल पर इस लिए टिकी हुईं हैं कि आखिर उनका फैसला क्या होगा। जयललिता की विरासत के लिए छिड़ी जंग में एक तरफ उनकी खास दोस्त रहीं शशिकला हैं और दूसरी तरफ पन्नीर सेल्वम जिन्हें जयललिता ने मुख्यमंत्री बनाया था। बुधवार को दिनभर दोनों खेमों की तरफ से शक्ति प्रदर्शन का दौर चलता रहा।

जानकारी के मुताबिक राज्यपाल दोपहर तक चेन्नई पहुंचेंगे। खबर है कि एआईएडीएमके प्रमुख शशिकला अपने विधायकों के साथ राज्यपाल से मुलाकात कर सकती हैं। राज्यपाल ने अभी तक उनके मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ नहीं किया है। राज्यपाल बीते 4 दिनों से तमिलनाडु की राजनीति पर नजर बनाए रखे हुए हैं। जानकारों की मानें तो राज्यपाल के पास इस मामले में तीन विकल्प हैं। इसे भी पढ़ें- अम्मा की आत्मा ने पन्नीरसेल्वम से की बात! जानिए क्या कहा?
बहुमत दिखाने का मौका दें
राज्यपाल जो कि पहले ही पन्नीरसेल्वम का इस्तीफा स्वीकार कर चुके हैं, वो शशिकला को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करें। शशिकला को एआईएडीएमके के विधायक दलों ने अपना नेता चुना है और उनके पास 133 विधायकों का सपोर्ट है। उसके बाद राज्यपाल शशिकला को फ्लोर टेस्ट के लिए कह सकते हैं।
पन्नीरसेल्वम को दें मौका
राज्यपाल के पास दूसरा विकल्प ये है कि वो पन्नीरसेल्वम को मुख्यमंत्री बने रहने दें और उन्हें बहुमत साबित करने के लिए कहें। इसके लिए पन्नीरसेल्वम को विपक्षी दल डीएमके के समर्थन की जरूरत पड़ेगी।
विधानसभा भंग कर राष्ट्रपति शासन की सिफारिश करें
राज्यपाल के पास एक विकल्प यह भी है कि वो विधानसभा भंग कर राष्ट्रपति शासन की सिफारिश करें। हालांकि इसकी उम्मीद बेहद कम है।












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