तो क्या संजय राउत बनेंगे महाराष्ट्र के सीएम? एनसीपी के प्रस्ताव से आया नया मोड़
महाराष्ट्र में सरकार बनाने की कोशिशों में जुटी शिवसेना को एनसीपी ने एक बड़ा झटका दे दिया है...
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नई दिल्ली। महाराष्ट्र में सियासी मौसम लगातार करवट बदल रहा है। प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने के 10 दिन बाद भी सरकार गठन को लेकर स्थिति साफ नहीं हो पाई है। सरकार बनाने की कोशिशों में जुटी शिवसेना बयान दे रही है कि महाराष्ट्र में नया सीएम शिवसेना का ही होगा। वहीं, शुक्रवार को मीडिया में खबरें आईं कि महाराष्ट्र में बनने वाली नई सरकार में एनसीपी 50-50 फॉर्मूले के तहत 2.5 साल के लिए सीएम पद चाहती है। इसके बाद महाराष्ट्र की राजनीति में एक नया मोड़ उस वक्त आ गया, जब एनसीपी की तरफ से सीएम पद के लिए शिवसेना सांसद संजय राउत के नाम का सुझाव दिया गया है। सीएम पद को लेकर खुद के नाम के सुझाव पर अब संजय राउत ने जवाब दिया है।

सीएम के लिए खुद के नाम पर संजय राउत ने क्या कहा
दरअसल शुक्रवार सुबह मीडिया में खबरें आईं कि एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार ने शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस के गठबंधन में बनने वाली सरकार में सीएम पद के लिए उद्धव ठाकरे के बजाय संजय राउत के नाम का सुझाव रखा है। इस मामले पर जब खुद संजय राउत से प्रतिक्रिया ली गई तो उन्होंने कहा, 'यह पूरी तरह गलत है। महाराष्ट्र की जनता शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे को मुख्यमंत्री के तौर पर देखना चाहती है।' संजय राउत ने यह भी कहा कि महाराष्ट्र में शिवसेना का सीएम पूरे पांच साल के लिए ही होगा।

देर रात शरद पवार से मिलने पहुंचे उद्धव ठाकरे
आपको बता दें कि महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी के बीच बातचीत का दौर अभी तक जारी है। गुरुवार देर रात भी शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे, शरद पवार से मिलने उनके घर पहुंचे थे। मीडिया में चल रही खबरों के मुताबिक, एनसीपी ने मांग रखी है कि महाराष्ट्र में बनने वाली सरकार में 2.5 साल के लिए सीएम का पद उन्हें दिया जाए। हालांकि शिवसेना की तरफ से एनसीपी की इस मांग को खारिज किए जाने की खबर है। शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा है कि 1 दिसंबर तक महाराष्ट्र में सरकार बना ली जाएगी।

'तीनों दलों के बीच होगा 42 विभागों का बंटवारा'
इससे पहले इंडियन एक्सप्रेस ने खबर दी कि तीनों दलों के बीच हुए समझौते के तहत महाराष्ट्र की नई सरकार में दो डिप्टी सीएम होंगे, जिनमें से एक कांग्रेस और एक एनसीपी से होगा। खबर के मुताबिक यह भी स्पष्ट किया गया कि उद्धव ठाकरे ही पूरे पांच साल के लिए राज्य के मुख्यमंत्री होंगे और इस पद पर कोई रोटेशन सिस्टम नहीं होगा। नई विधानसभा में तीनों दलों के बीच संख्याबल के आधार पर 42 विभागों का बंटवारा किया जाएगा। 288 सीटों वाली विधानसभा में शिवसेना के 56, एनसीपी के 54 और कांग्रेस के पास 44 विधायक हैं। इस संख्याबल के मुताबिक, तीनों दलों को क्रमश: 15, 14 और 13 पोर्टफोलियो मिल सकते हैं।

'तीन तिगाड़े काम बिगाड़े’ वाली सरकार चलेगी कब तक- निरुपम
इस बीच कांग्रेस नेता संजय निरुपम ने सरकार बनाने के लिए शिवसेना का समर्थन करने पर अपनी ही पार्टी पर हमला बोलते हुए ट्वीट किया है। संजय निरुपम ने ट्वीट कर कहा, 'हमारे नेताओं का तर्क है कि बीजेपी को रोकने के लिए हम शिवसेना से हाथ मिलाने का जोखिम उठा रहे हैं। मगर ‘तीन तिगाड़े काम बिगाड़े'वाली सरकार चलेगी कब तक? फिर या तो बीजेपी किसी के साथ सरकार बनाएगी या चुनाव होंगे। दोनों हाल में बीजेपी को फायदा होगा और नुकसान होगा कांग्रेस का।' संजय निरुपम शिवसेना का समर्थन करने को लेकर लगातार अपनी पार्टी का विरोध कर रहे हैं।












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