पार्टी की कार्यशैली से खुश नहीं हैं 100 से ज्यादा कांग्रेसी, सोनिया गांधी को लिखी चिट्ठी: संजय झा
पार्टी से नाखुश 100 नेताओं ने सोनिया गांधी को लिखी चिट्ठी: संजय झा
नई दिल्ली। पूर्व कांग्रेस नेता संजय झा ने कहा है कि राज्य में पार्टी के नेता खुश नहीं हैं। महाराष्ट्र से आने वाले संजय झा ने इसको लेकर सोमवार सुबह एक ट्वीट किया है। अपने ट्वीट में संजय झा ने लिखा है कि 100 से ज्यादा कांग्रेस नेता (जिनमें सांसद भी शामिल हैं) राज्य की स्थिति से परेशान हैं। इन नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को एक चिट्ठी लिखा है, जिसमें राजनीतिक नेतृत्व में बदलाव की मांग की गई है औ कांग्रेस वर्किंग कमेटी के चुनावों में पारदर्शिता ना होने की भी बात कही है।
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पार्टी से निलंबित हो चुके हैं संजय झा
संजय झा कांग्रेस में प्रवक्ता और संगठन में अहम पदों पर रहे हैं। बीते महीने 14 जुलाई को उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया गया था। महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने पार्टी के खिलाफ काम करने और अनुशासन तोड़ने को लेकर संजय झा के खिलाफ ये कार्रवाई की थी। संजय झा ने राजस्थान में कांग्रेस नेताओं के बीच खींचतान में सचिन पायलट को अपना समर्थन दिया था। राजस्थान में कांग्रेस से बागी तेवर अपनाने वाले सचिन पायलट की मांग को जायज ठहराते हुए उन्होंने लिखा था कि मैं सचिन पायलट का पूरी तरह समर्थन करता हूं। जिसके बाद पार्टी ने उन्हें सभी पदों से हटा दिया गया।

इससे पहले लिखा था पार्टी पर लेख
इससे पहले जून में एक लेख लिखने पर उन्हें प्रवक्ता पद से हटा दिया गया था। संजय झा ने कोरोना संकट के दौरान कांग्रेस नेतृत्व की आलोचना करते हुए एक प्रमुख अखबार में एक लेख लिखा था और पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र की कमी की ओर इशारा किया था। लेख में झा ने कहा था कि यह एक 'गलत' दावा है कि कांग्रेस के पास अपने सदस्यों को सुनने और पार्टी, राजनीतिक रणनीति और नेतृत्व विकास के पुनरुद्धार पर ध्यान केंद्रित करने के लिए एक मजबूत आंतरिक तंत्र है। कांग्रेस ने लचरता का प्रदर्शन किया है और अपनी स्वयं की राजनीतिक अप्रचलनता के प्रति उसका अड़ियल रवैया चकित करने वाला है। उदाहरण के लिए, मेरे जैसे किसी व्यक्ति के लिए गांधीवादी दर्शन और कांग्रेस को परिभाषित करने वाले नेहरूवादी दृष्टिकोण को स्थायी रूप से खारिज कर दिया गया है।

शशि थरूर ने कहा- राहुल संभालें कमान
हाल ही में कांग्रेस के सांसद शशि थरूर ने कहा था कि अगर राहुल गांधी नेतृत्व को फिर से शुरू करने के लिए तैयार हैं, तो उन्हें केवल अपना इस्तीफा वापस लेना होगा। लेकिन, अगर वह कहते हैं कि वो वापस पार्टी की कमान को संभालना नहीं चाहते हैं. तो पार्टी को अब फैसला लेना चाहिए। शशि थरूर ने कहा कि सिर्फ मैं ही नहीं बल्कि पार्टी का हर नेता यह सवाल पूछ रहा है कि आखिरकार कब तक ऐसा ही चलता रहेगा।












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