भीमा कोरेगांव: संभाजी भिडे के विवादित बोल, मेरे खेत के आम खाकर होती है संतान प्राप्ति
नासिक। भीमा कोरेगांव में दंगा भड़काने के आरोप से विवादों में आये शिव प्रतिष्ठान संगठन के संभाजी भिडे नासिक में दिए एक बयान से फिर विवादों में घिर गए हैं। उन्होंने कहा कि मेरे खेत के आम खाकर कइयों को संतान प्राप्ति हुई है। यही नहीं उन्होंने इसके आंकड़े भी दिए हैं। उनका दावा है कि, उनके खेत के आम खाकर करीबन 150 दंपतियों को संतान प्राप्ति हुई है। संगठन में महिलाओं को समावेश करने की अनुमति नहीं है, यह भी उन्होंने एक बयान में स्पष्ट किया है। पुणे में पधारी राष्ट्रवादी कांग्रेस की सांसद सुप्रिया सुले ने इस बयान की निंदा करते हुए कहा कि इस बयान से भिडे के भीतर महिलाओं के प्रति द्वेष साफ रूप से झलकता है।

नासिक की एक सभा में भिडे ने कहा कि, शादी के आठ- आठ, दस-दस साल बाद, कइयों को तो 15-15 सालों तक संतान प्राप्ति नहीं हुई। ऐसी दंपतियों ने अगर मेरे खेत के आम खाये तो उन्हें निश्चित रूप से संतान प्राप्ति होगी। मैंने अब तक 180 से ज्यादा दंपतियों को वे फल खाने को दिए उनमें से 150 दंपतियों को संतान प्राप्ति हुई है। मेरे खेत के आम खाएं, जिन्हें पुत्र प्राप्ति की मंशा है उन्हें पुत्र ही होगा। संतान नहीं होती होगी तो नपुसंकता और बांझपन को दूर करने और ताकत देनेवाला आम है, यह दावा उन्होंने किया। एक बयान में उन्होंने अहमदनगर को अबसे सिर्फ अम्बिकानगर के नाम से सम्बोधित करने की अपील की।
उन्होंने बताया कि, हर तालुका में संगठन के दो हजार कार्यकर्ताओं की टुकड़ियां गठित की जायेगी और उन्हें राजगढ़ भेजा जाएगा। इन टुकड़ियों में महिलाओं का समावेश कहीं नहीं होगा। शिवाजी महाराज के सिंहासन के लिए शिवभक्तों से आगे आने की अपील करते हुए उन्होंने महिलाओं से जिजामाता के समान काम करने की जरूरत है न कि रणभूमि में उतरने की। संगठन में महिलाओं की टुकड़ी बनाने की अनुमति नहीं है। शराब बंदी और बलात्कारियों के हाथ-पैर कलम करने की जिम्मेदारी सरकार ने नहीं निभाई तो यह काम भी हम अपने हाथों में लेंगे, यह चेतावनी भी उन्होंने दी।












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