समस्तीपुर लोकसभा सीट: सबसे कम उम्र की प्रत्याशी शांभवी चौधरी को कौन देगा चुनौती? कांग्रेस किसको देगी टिकट

Samastipur Lok Sabha Election 2024: लोकसभा चुनाव को लेकर इस बार बिहार की समस्तीपुर लोकसभा सीट चर्चाओं में है। समस्तीपुर लोकसभा सीट पर लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने शांभवी चौधरी को उम्मीदवार बनाया है। शांभवी चौधरी सबसे कम उम्र की प्रत्याशी हैं। अब सवाल है कि शांभवी चौधरी को चुनौती कौन देगा?

Samastipur Lok Sabha Election 2024

एनडीए (NDA) की गठबंधन में समस्तीपुर सीट लोजपा को मिली थी। जिसके बाद चिराग पासवान ने इस सीट से 26 साल की शांभवी चौधरी को चुनावी मैदान में उतारा। शांभवी के पिता अशोक चौधरी जेडीयू नेता हैं और नीतीश कुमार की सरकार में मंत्री हैं, इसलिए उनको टिकट मिलने पर सवाल भी उठ रहे हैं।

समस्तीपुर सीट पर कांग्रेस किसको देगी टिकट?

समस्तीपुर लोकसभा सीट के लिए अभी महागठबंधन ने उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है। राजद और कांग्रेस में सीटों के बंटवारों के बीच ये सीट कांग्रेस के खाते में गई है। फिलहाल समस्तीपुर सीट के लिए भी कांग्रेस अपने उम्मीदवार के नामों पर चर्चा ही कर रही है।

कांग्रेस की ओर से समस्तीपुर सीट पर दो लोगों की दावेदारी सबसे आगे है, एक हैं अशोक राम और दूसरे हैं, पूर्व डीजी बीके रवि। वहीं कुछ स्थानीय मीडिया रिपोर्ट में ये भी दावा किया जा रहा है कि कांग्रेस इस सीट पर महेश्वर हजारी के बेटे सन्नी हजारी को भी टिकट दे सकती है। हाल ही में ये कांग्रेस में शामिल हुए हैं।

Samastipur Lok Sabha Election 2024

सवर्ण के घर की बहू और दलित की बेटी, शांभवी चौधरी कैसे जीतेंगी समस्तीपुर?

समस्तीपुर एक अनुसूचित जाति (एससी) आरक्षित सीट है। 2019 में पूर्व केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस के बेटे प्रिंस ने यहां जीत हासिल की थी। इस बार समस्तीपुर सीट चिराग के गुट में चली गई और शांभवी चौधरी चुनी गई हैं।

समस्तीपुर से अभी चिराग पासवान के चचेरे भाई प्रिंस राज सांसद हैं। लेकिन 2021 में पार्टी तोड़कर चिराग पासवान से अलग हो जाने के कारण प्रिंस को इस बार टिकट नहीं मिल पाया है।

Samastipur Lok Sabha Election 2024

शांभवी चौधरी का जन्म दलित परिवार में हुआ है। अशोक चौधरी बिहार के प्रमुख दलित नेता हैं। लेकिन शांभवी चौधरी ने जाति से बाहर जाकर शादी की है। शांभवी की शादी बिहार के आईपीएस अधिकारी रह चुके किशोर कुणाल के बेटे सायण कुणाल से हुई है। सायण कुणाल भूमिहार जाति के हैं।

ऐसे में लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर सवर्ण के घर की बहू, दलितों का भला कैसे करेंगी? हाल में एक इंटरव्यू में शांभवी चौधरी ने कहा है कि, 'मुझसे हर बार ये सवाल किया जाता है, कि मैं दलितों के लिए कैसे काम करूंगी...क्योंकि मैं सवर्ण के परिवार में हूं अब। मैं राजनीति में जातियों को एकजुट रखने की बात को समझती हूं लेकिन ये एक गलत सोच है। लोगों को शुरू से ऐसा बता दिया गया है कि जाति के लोग ही जाति की मदद करेंगे। ये एक गलत नैरेटिव सेट है।'

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