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Lok Sabha Election 2024: सैम पित्रोदा का बचाव कर अपने पैर में कुल्हाड़ी तो नहीं मार रही है कांग्रेस?

Sam Pitroda Inheritance Tax Controversy may dent Congress: इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष और राहुल गांधी के चहेते सैम पित्रोदा का विवादित बयानों से पुराना नाता है। कांग्रेस पार्टी उनकी बुद्धि का बखान करते नहीं थकती, लेकिन हकीकत ये है उनके विवादास्पद बयानों की वजह से पार्टी पहले भी भुगत चुकी है।

देश में लोगों की संपत्ति का सर्वे करके उसे बांटने के राहुल गांधी के बयान की वजह से कांग्रेस पहले से ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी के निशाने पर थी। इसी दौरान सैम पित्रोदा ने उसे आगे बढ़ाते हुए इन्हेरिटेंस टैक्स को लेकर ऐसा बयान दिया है, जिससे लगता है कि भाजपा की मुंह मांगी मुराद पूरी हो गई है।

sam pitroda congress shooting itself in foot

संपत्ति बांटने के विवाद के बीच विरासत टैक्स पर घिरी कांग्रेस
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ की एक सभा में पित्रोदा के बयान के बाद कहा है, 'कांग्रेस का कहना है कि वह इन्हेरिटेंस टैक्स (विरासत टैक्स) लगाएगी। माता-पिता से मिलने वाली विरासत पर भी टैक्स लगाएगी। आप अपनी मेहनत से जो संपत्ति जुटाते हैं, वह आपके बच्चों को नहीं मिलेगी, बल्कि कांग्रेस सरकार का पंजा उसे भी आपसे छीन लेगा।'

सैम पित्रोदा ने इन्हेरिटेंस टैक्स को लेकर क्या कहा है?
दरअसल, अमेरिका के शिकागो में सैम पित्रोदा ने कहा है, 'अमेरिका में एक इन्हेरिटेंस टैक्स है। अगर किसी के पास 100 मिलियन डॉलर की संपत्ति है, जब उसका निधन हो जाता है तो उसका संभवत: 45% ही बच्चों को ट्रांसपर हो सकता है, 55% सरकार ले लेती है।'

पित्रोदा का कहना है कि 'भारत में ऐसा कुछ भी नहीं है। अगर यहां किसी के पास 10 अरब रुपए की संपत्ति है, तो मरने के बाद उसके बच्चों को सारी संपत्ति मिल जाती है और जनता को कुछ नहीं मिलता....इसपर लोगों को बहस और चर्चा करनी होगी.....जब हम धन को फिर से बांटने के बारे में बात करते हैं, तो हम नई नीतियों और नए कार्यक्रमों के बारे में बात कर रहे हैं, जो जनता के हित में है, न कि केवल धनाढ्यों के हित में।'

सैम पित्रोदा के बयान के लिए भी खड़गे का मोदी पर निशाना
कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पित्रोदा के बयान पर सिर्फ इतना कहा है कि न तो उनका ऐसा कोई इरादा है और न ही संविधान में इसकी अनुमति है। बल्कि, उन्होंने पित्रोदा के बयान के लिए भी पीएम मोदी पर निशाना साधने की कोशिश की।

वे बोले, 'कैसे हो सकता है...संविधान है, संविधान इसकी कभी इजाजत नहीं देगा, हमारी ऐसी कोई मंशा नहीं है। आप उनके (पीएम मोदी के) विचारों को हमारे मुंह में क्यों डाल रहे हैं? सिर्फ वोट के लिए वे ये सारा खेल खेल रहे हैं।'

पित्रोदा की बुद्धि के बखान में जुटी कांग्रेस!
पार्टी के महासचिव (संचार) जयराम रमेश तो पित्रोदा की बुद्धि का ही बखान कर रहे हैं। उन्होंने एक्स पर पोस्ट में कहा, 'सैम पित्रोदा मेरे समेत दुनिया भर में कई लोगों के लिए एक गुरु, दोस्त, दार्शनिक और मार्गदर्शक रहे हैं। पित्रोदा उन मुद्दों पर स्वतंत्र तरकी से अपनी राय जाहिर करते हैं, जिनके बारे में वह दृढ़ता से महसूस करते हैं। निश्चित रूप से, लोकतंत्र में एक व्यक्ति अपने व्यक्तिगत विचारों पर चर्चा करने, उसे व्यक्त करने और उसपर बहस करने के लिए स्वतंत्र है।'

पित्रोदा के विवादित बयान से कांग्रेस को हो सकता है नुकसान
लेकिन, कांग्रेस पार्टी शायद यह भूल रही है कि पित्रोदा के ऐसे बयानों की वजह से पार्टी को पहले भी राजनीतिक तौर पर काफी नुकसान हो चुका है। खासकर चुनाव के समय में जिस मुद्दे को लेकर सत्ताधारी पार्टी आक्रामक है, उसे खुद से ही और मौका देने में किस तरह की राजनीतिक बुद्धिमानी है?

'हुआ तो हुआ' वाले बयान की वजह से कुख्यात हैं सैम पित्रोदा
2019 के चुनाव के समय में 1984 के सिख दंगों को लेकर बीजेपी कांग्रेस पार्टी को घेर रही थी। भाजपा के निशाने पर पूर्व पीएम राजीव गांधी थे। पित्रोदा बोले कि '84 का अब क्या? 5 साल में आपने जो किया उसकी बात करिए। 1984 में हुआ तो हुआ।'

उनके 'हुआ तो हुआ' वाले बयान को भाजपा ने हाथों हाथ लिया और कांग्रेस बैकफुट पर रही। इसी साल फरवरी में संसद में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके इस बयान को लेकर कांग्रेस को घेरा था।

मिडिल क्लास से ज्यादा टैक्स वसूली का सुझाव
यह बयान भी उन्होंने 2919 के लोकसभा चुनावों के दौरान एक टीवी इंटरव्यू में दिया था। उन्होंने तब कांग्रेस पार्टी के मेनिफेस्टो में प्रस्तावित न्याय योजना के लिए फंड जुटाने के सवाल पर कहा था कि इसके लिए मिडिल क्लास को तैयार रहना चाहिए।

पीएम मोदी ने बुधवार को अपने भाषण में फिर से यह मुद्दा उठाया है, 'शाही परिवार के शहजादे (राहुल गांधी) के सलाहकार (पित्रोदा), इस शाही परिवार के शहजादे के पिताजी के भी सलाहकार... उन्होंने कुछ समय पहले कहा था, और ये परिवार उन्हीं की बात मानता है...उन्होंने कहा था कि हमारे देश का जो मिडिल क्लास है, जो मध्यम वर्ग है, जो मेहनत करके कमाते हैं...उन्होंने कहा उनपर ज्यादा टैक्स लगना चाहिए...उन्होंने पब्लिकली कहा है...'

बालाकोट एयरस्ट्राइक पर भी उठा चुके हैं सवाल
सैम पित्रोदा 2019 में बालाकोट एयरस्ट्राइक पर भी सवाल उठा चुके हैं और भारतीय वायुसेना के ऐक्शन के सबूत भी मांग चुके हैं। वह कह चुके हैं कि 'पुलवामा जैसे हमले होते रहते हैं'। उनके मुताबिक मुंबई हमलों के बाद भी उनकी सरकार विमान भेज सकती थी, लेकिन यह सही तरीका नहीं है।

उन्होंने कहा था कि ऐसे वैश्विक समस्या से डील नहीं की जा सकती। वह ये भी कह चुके हैं कि कुछ लोगों की वजह से पूरे पाकिस्तान पर उंगली नहीं उठाई जा सकती।

पिछले साल जून में अमेरिका में राहुल गांधी की मौजूदगी में वह यह भी कह चुके हैं कि मंदिरों से रोजगार नहीं मिलता। मंदिरों से शिक्षा, स्वास्थ्य जैसी समस्याओं का हल नहीं मिल सकता।

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