रूस की कोरोना वैक्सीन ने ट्रायल्स में दिए कारगर नतीजे, कोई साइड इफेक्ट नहीं
रूस की कोरोना वैक्सीन को लेकर बड़ी खबर, ट्रायल्स में दिए कारगर नतीजेस कोई साइड इफेक्ट नहीं
नई दिल्ली। रूस में तैयार की गई कोरोना वायरस की वैक्सीन स्पूतनिक वी ट्रायल में काफी कारगर दिखी है। वैक्सीन ने प्रभावी इम्यून तो तैयार किया ही है। किसी तरह का कोई साइड इफेक्ट भी इससे नहीं हुआ है। मेडिकल जर्नल लेनसेट ने शुक्रवार को स्पूतनिक वी को लेकर रिजल्ट छापे हैं। जिसमें वैक्सीन की शुरूआती ट्रॉयल्स में बेहतर रिजल्ट का दावा किया गया है। इसके बाद की ओर से ये भी कहा गया है कि उनकी वैक्सीन पर सवाल करने वालों को ये एक जवाब है।

प्रभावी एंटीबॉडीज विकसित हुए
मेडिकल जर्नल लेनसेट के मुताबिक, स्पूतनिक वैक्सीन के ट्रायल्स में भाग लेने वालों में वैक्सीन को रोकने में प्रभावी एंटीबॉडीज विकसित हुए हैं। इस साल जून-जुलाई में वैक्सीन पर कराए गए दो चरणों के ट्रॉयल में 76 लोग शामिल थे। इनमें कोरोना को रोकने वाले प्रभावी एंटीबॉडीज विकसित हुए हैं और किसी में भी कोई गंभीर साइडइफेक्ट नहीं दिखाई दिया है।

दो फेज में चला ट्रायल
दो छोटे फेज में वैक्सीन का ट्रायल 42 दिनों तक चला, इनमें से एक वैक्सीन के फ्रोजन फॉर्म्यूलेशन का और दूसरे में फ्रीज-ड्राइज फॉर्म्यूलेशन का अध्ययन किया गया। फ्रोजन फॉर्म्युलेशन का इस्तेमाल वैक्सीन को बड़े पैमाने पर मौजूदा स्पलाई चेन के जरिए वितरण को लेकर किया जाएगा। फ्रीज-ड्राइड फॉर्म्यूलेशन का इस्तेमाल उन इलाकों के लिए किया जाएगा जहां पहुंचना मुश्किल है। ट्रायल को रूस के दो हॉस्पिटल में हुआ, जिसमें 18-60 साल के स्वस्थ व्यस्कों को शामिल किया गया। इन्हें आइसोलेट कर दिया गया और टीका लगने के बाद 28 दिनों तक अस्पताल में ही रहे।

दुनिया की पहली वैक्सीन है स्पूतनिक वी
दुनिया की पहली कोरोना वैक्सीन कही जा रही स्पूतनिक वी रूस ने अगस्त में ही डोमेस्टिक यूज के लिए अनुमति दे दी है। लानसेट में हालांकि कहा गया है कि कोविड-19 से सुरक्षा मुहैया कराते हुए दीर्घकालीन सुरक्षा और समर्थता निर्धारित करने के लिए स्पुत्निक-वी वैक्सीन की व्यापक स्तर पर परीक्षाओं की जरूरत है। अध्ययन के लेखकों ने कहा है कि विभिन्न आबादी समूहों में टीके की कारगरता का पता लगाने के लिए और अधिक अध्ययन किए जाने की जरूरत है।












Click it and Unblock the Notifications