अयोध्या विवाद पर कोर्ट के फैसले से पहले RSS ने की अपील, खुले मन से स्वीकार करें निर्णय
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट इस महीने विवादित राम जन्मभूमि विवाद पर अपना फैसला सुना सकता है। इसी बीच सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने से पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने सभी पक्ष आपसी भाईचारे और शांति की अपील है। आरएसएस के अधिकारिक ट्विटर अकाउंट से किए गए एक ट्वीट में कहा गया है कि, सुप्रीम कोर्ट का जो भी फैसला आए उसे सभी को खुले मन से स्वीकार करना चाहिए। लगातार चली सुनवाई के बाद 16 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट की 5 सदस्यीय संविधान बेंच अयोध्या विवाद पर फैसला सुरक्षित रख लिया था।

आरएसएस ने ट्वीट कर कहा कि, आगामी दिनों में श्रीराम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण के वाद पर सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय आने की संभावना है।निर्णय जो भी आए उसे सभी ने खुले मन से स्वीकार करना चाहिए।निर्णय के पश्चात देश भर में वातावरण सौहार्दपूर्ण रहे,यह सबका दायित्व है।इस विषय पर भी बैठक में विचार हो रहा है। आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख अरुण कुमार ने कहा कि, 30 अक्तुबर से 5 नवंबर तक हरिद्वार में प्रचारक वर्ग के साथ दो दिन की बैठक पहले से निश्चित थी। प्रचारक वर्ग आवश्यक कारणों से स्थगित किया गया है। परंतु बैठक हरिद्वार के स्थान पर अब दिल्ली में हो रही है।
अयोध्या मुद्दे पर सर्वोच्च न्यायालय के संभावित फैसले के मद्देनजर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने कार्यक्रमों और बैठकों के स्थगन के साथ ही प्रचारकों के दौरे भी स्थगित करने का फैसला किया है। सभी प्रचारकों को 17 नवंबर तक अपने-अपने निर्धारित केंद्रों पर रुकने को कहा गया है।
लखनऊ में 17 नवंबर से प्रस्तावित 'एकल कुंभ', अयोध्या में 4 नवंबर से आयोजित दुर्गा वाहिनी के शिविर और प्रदेश में विहिप के त्रिशूल दीक्षा कार्यक्रमों को स्थगित करने के बाद अब हरिद्वार में 31 अक्टूबर से 4 नवंबर तक देश भर के संघ से जुड़े सभी संगठनों में काम करने वाले प्रचारकों की प्रस्तावित बैठक भी स्थगित करने का फैसला किया गया है।
संघ कार्यकर्ताओं से अपने दौरे के कार्यक्रम को रद्द करने के लिए कहा है। मालूम हो 17 नवंबर से पहले अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट अपना फैसला सुना सकता है। इस मामले पर संघ काफी संजीदा है। संघ का मानना है कि, फैसले के बाद अगर कुछ होता है, तो उन पर दोष नहीं लगाया जाना चाहिए।












Click it and Unblock the Notifications