Road Milestone Colour Coding: सड़क किनारे लगे पत्थरों के रंगों का क्या होता है मतलब? इनमें छिपा है पूरा इतिहास
Road Milestone Colour Coding: भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सड़क नेटवर्क वाला देश है। कश्मीर से कन्याकुमारी तक फैली इन सड़कों पर लगे 'मील के पत्थर' (Milestones) हमारी यात्रा का अभिन्न हिस्सा हैं। आपने भी भारत की सड़कों पर सफर करते समय पीले, हरे, काले और नारंगी रंग के पत्थर देखे होंगे। ये केवल दूरी नहीं बताते, बल्कि ये भारत के रोड नेटवर्क की एक 'सीक्रेट लैंग्वेज' हैं।
इन पत्थरों के रंगों का चुनाव एक खास कोडिंग सिस्टम के तहत किया जाता है? यह सिस्टम हमें बताता है कि सड़क का मालिक कौन है और उसकी जिम्मेदारी किस विभाग की है। आइए जानते हैं इनका असली मतलब...

पीली पट्टी: राष्ट्रीय राजमार्ग (National Highways)
अगर आप किसी ऐसी सड़क पर हैं जहां मील के पत्थर का ऊपरी हिस्सा पीला (Yellow) है, तो आप एक नेशनल हाईवे पर सफर कर रहे हैं। ये सड़कें एक राज्य को दूसरे राज्य से और देश के बड़े महानगरों को आपस में जोड़ती हैं। इनका रखरखाव केंद्र सरकार की संस्था NHAI (National Highways Authority of India) करती है।
फैक्ट: भारत में नेशनल हाईवे पूरे रोड नेटवर्क का सिर्फ 2% हैं, लेकिन ये 40% से ज्यादा ट्रैफिक संभालते हैं।
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हरी पट्टी: राज्य राजमार्ग (State Highways)
सड़क किनारे हरे (Green) रंग की पट्टी वाला पत्थर दिखने का मतलब है कि आप स्टेट हाईवे पर हैं। ये सड़कें राज्य के भीतर अलग-अलग जिलों को आपस में और नेशनल हाईवे से जोड़ती हैं। इनकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार (PWD विभाग) की होती है।
काला या नीला पत्थर: जिला सड़कें (District Roads)
जब पत्थर का रंग काला, नीला या पूरी तरह सफेद हो, तो समझ जाइए कि आप किसी बड़े शहर या जिले की सड़क पर प्रवेश कर चुके हैं। ये सड़कें जिले के महत्वपूर्ण कस्बों को शहर के मुख्य केंद्र से जोड़ती हैं। इनका प्रशासन स्थानीय नगर निगम या जिला परिषद के हाथों में होता है।
नारंगी पट्टी: ग्रामीण सड़कें (Rural Roads)
गांवों की सड़कों पर आपको अक्सर नारंगी (Orange) रंग की पट्टी वाले पत्थर मिलेंगे। यह विशेष रंग प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) को दर्शाता है। यह रंग संकेत है कि यह सड़क सीधे किसी गांव के विकास और संपर्क मार्ग से जुड़ी है।
ये रंग जानना आपके लिए क्यों जरूरी है?
यह केवल सामान्य ज्ञान नहीं है, बल्कि सुरक्षा के नजरिए से भी महत्वपूर्ण है:
आपातकालीन स्थिति: दुर्घटना या गाड़ी खराब होने पर, पत्थर का रंग देखकर आप हेल्पलाइन पर सही विभाग (केंद्र या राज्य) को अपनी लोकेशन बता सकते हैं।
रास्ता भटकने पर: रंगों से आप अंदाजा लगा सकते हैं कि आप किसी मुख्य शहर की ओर जा रहे हैं या किसी ग्रामीण इलाके की ओर।
सड़क की गुणवत्ता: अक्सर नेशनल हाईवे और एक्सप्रेस-वे की सुविधाएं (जैसे रेस्ट स्टॉप और पेट्रोल पंप) जिला सड़कों के मुकाबले अधिक व्यवस्थित होती हैं।
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