देखें तस्वीरें- यूपी विधानसभा में कैसे कपड़े उतार टेबल पर चढ़े विधायक
लखनऊ। संसद में मिर्च पाउडर उड़ाने और चाकू लहराने का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ था कि उत्तर प्रदेश विधानसभा में उससे भी शर्मसार हरकत देखने को मिली। बुधवार को विधानसभा सत्र की हंगामेदार शुरुआत हुई और विधायकों ने शर्म और सदन की मर्यादा को तार-तार करते हुए अपने कपड़े फाड़ डाले। विधायकों का कहना है कि उनका प्रदर्शन प्रदेश में हत्या, लूट और भ्रष्टाचार के साथ ही साथ बिगड़ती कानून व्यवस्था के खिलाफ है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक बुधवार को सदन की कार्यवाही शुरू होने के थोड़ी ही देर बाद बीएसपी विधायक बैनर पोस्टर लेकर वेल में घुस गए। विधायक एसपी सरकार पर चीनी मिल मालिकों से साठगांठ का आरोप लगा रहे थे। वेल में शोर-शराबे के बीच आरएलडी के दो विधायकों ने अचानक अपने कपड़े उतार दिए। इसके बाद वे पोस्टर लेकर बेंच पर चढ़ गए। इस दौरान मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी सदन में मौजूद थे। सरकार के खिलाफ प्रदर्शन में बीएसपी को आरएलडी विधायकों का भी समर्थन मिला। इन सभी ने राज्यपाल के अभिभाषण का विरोध किया।
हंगामे के बीच यूपी विधानसभा बैनर और पोस्टर से पट गया। नीले, हरे और सफेद बैनर पर विधायकों ने भ्रष्टाचार, लूट, हत्या, गन्ना मूल्य समेत कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश की। वहीं राज्य सभा में बुधवार को तेलंगाना बिल को लेकर जमकर हंगामा हुआ। लोकसभा से पास होने के बाद बिल को अब राज्यसभा में रखा जाना है। बिल पेश किए जाने से पहले टीडीपी के सांसद सीएम रमेश वेल में घुसकर प्रदर्शन करने लगे। इस दौरान वह वहां बैठे राज्यसभा के सेक्रेटरी जनरल से छीनाझपटी की कोशिश करते दिखे।

विधानसभा में शर्टलेस हो गये विधायक
वेल में शोर-शराबे के बीच आरएलडी के दो विधायकों ने अचानक अपने कपड़े उतार दिए। इसके बाद वे पोस्टर लेकर बेंच पर चढ़ गए।

विधानसभा में शर्टलेस हो गये विधायक
हंगामे के बीच यूपी विधानसभा बैनर और पोस्टर से पट गया। नीले, हरे और सफेद बैनर पर विधायकों ने भ्रष्टाचार, लूट, हत्या, गन्ना मूल्य समेत कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश की।

विधानसभा में शर्टलेस हो गये विधायक
धवार को विधानसभा सत्र की हंगामेदार शुरुआत हुई और विधायकों ने शर्म और सदन की मर्यादा को तार-तार करते हुए अपने कपड़े फाड़ डाले। विधायकों का कहना है कि उनका प्रदर्शन प्रदेश में हत्या, लूट और भ्रष्टाचार के साथ ही साथ बिगड़ती कानून व्यवस्था के खिलाफ है।

मुजफ्फरनगर दंगे पर भी विधानसभा में हुआ था हंगामा
उत्तरप्रदेश के मुजफ्फनगर में हुए दंगों को लेकर 20 सिंतबर 2013 को यूपी विधानसभा में जमकर हंगामा हुआ। प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र का आखिरी दिन था। मुजफ्फरनगर हिंसा को लेकर पक्ष और विपक्ष के विधायक एक दूसरे पर दोषारोपण कर रहे थे। तभी सपा और भारतीय जनता पार्टी के विधायक आपस में भीड़ गए और धक्का मुक्की करने लगे। सदन के वरिष्ठ सदस्यों ने बीच-बचाव करके मामले को शांत कराया गया। हंगामा उस वक्त हुआ जब भाजपा विधायक सुरेश राणा को अध्यक्ष ने बोलने की इजाजत नहीं दी। राणा अपनी बात कह रहे थे तभी सपा विधायकों ने हंगामा शुरू कर दिया। इस पर भाजपा विधायकों ने भी राणा के पक्ष में नारे लगाने शुरू कर दिए। कई बार सदन की कार्यवाही को स्थगित किया गया।

11 फरवरी 2014, जम्मू-कश्मीर विधानसभा
पांच दिन पहले ही मंगलवार को जम्मू-कश्मीर की विधानसभा में मर्यादा को तार-तार किया गया। नई प्रशासनिक इकाइयों के मुद्दे पर विधायकों ने जमकर हंगामा किया। उन्होंने एक दूसरे पर कुर्सियों और मेजें फेंकी। इतना ही नहीं नौबत मारपीट तक पहुंच गई। एक विधायक ने दूसरे विधायक को माइक से पीटने की भी कोशिश की। धक्का-मुक्की में कई विधायक घायल हो गए,जिन्हें अस्पातल में भर्ती कराया पड़ा। स्थिति को काबू में करने के लिए मार्शलों को बुलाना पड़ा।












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