दिल्ली सेवा विधेयक के विरोध में जयंत चौधरी ने राज्यसभा में नहीं की वोटिंग, असली वजह अब पता चली
Jayant Chaudhary News: विपक्ष के गठबंधन INDIA को जोरदार झटका देकर एनडीए गठबंधन ने सोमवार 7 अगस्त को 'दिल्ली सेवा बिल' पारित करा लिया। इस विधेयक के पारित होने के साथ ही उत्तर प्रदेश की राजनीति गरमा गई और इसकी वजह हैं राष्ट्रीय लोक दल (RLD) के मुख्य जंयत चौधरी।
दरअसल, दिल्ली सेवा बिल की वोटिंग के दौरान आरएलडी के मुखिया जयंत चौधरी राज्यसभा में मौजूद नहीं थे। जंयत के सदन में उपस्थित न रहने पर राजनीतिक गलियारों में कई तरह के सवाल उठने लगे हैं। तो वहीं, अब इन सवालों के बीच राष्ट्रीय लोक दल डैमेज कंट्रोल में जुट गया है।

आरएलडी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनिल दुबे ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि पार्टी प्रमुख जयंत चौधरी की पत्नी का ऑपरेशन हुआ था। इसलिए वह अस्पताल में थे और राज्यसभा की कार्यवाही में नहीं जा पाए। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि वो विपक्षी दलों के गठबंधन INDIA के ही साथ है।
पार्टी प्रवक्ता निल दुबे ने न्यूज़ एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा,
आरएलडी प्रमुख जयंत चौधरी सोमवार को राज्यसभा वोट देना चाहते थे, लेकिन पहुंचे नहीं पाए। क्योंकि उन्हें अपनी पत्नी के ऑपरेशन में शामिल होना था। राष्ट्रीय लोक दल I.N.D.I.A गठबंधन के साथ है।
दिल्ली सरकार (संशोधन) विधेयक विधेयक सोमवार को पारित कर दिया गया। बिल को 131 सांसदों ने समर्थन किया। जबकि, इसके विरोध में 102 सांसदों ने वोटिंग की। हालांकि, आरएलडी प्रमुख जयंत चौधरी की कार्यवाही से अनुपस्थिति ने हलचल पैदा कर दी।
खासकर तब जब जयंत ने बेंगलुरु में दूसरी बैठक में भाग लेकर भारतीय राष्ट्रीय विकासात्मक समावेशी गठबंधन (I.N.D.I.A) गठबंधन को समर्थन देने का वादा किया था। आठ घंटे तक चली बहस के बाद, विधेयक ने सोमवार को राज्यसभा में अपना आखिरी विधायी परीक्षण पास कर लिया।
राष्ट्रीय राजधानी में सेवाओं के नियंत्रण पर मसौदा कानून उच्च सदन द्वारा विचार के लिए रखे जाने के बाद सहज बहुमत से पारित कर दिया गया। संसद ने सोमवार को वह विधेयक पारित कर दिया जो उपराज्यपाल को नियुक्तियों, तबादलों और पोस्टिंग से संबंधित मामलों सहित दिल्ली में ग्रुप ए सेवाओं को नियंत्रित करने का अधिकार देता है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा विचार और पारित करने के लिए पेश किए जाने के बाद सोमवार को सदन में इस विधेयक पर बहस शुरू हुई। यह विधेयक पिछले सप्ताह लोकसभा द्वारा पारित किया गया था।












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