एनडीए में सेंध लगाने में जुटे तेजस्वी, उपेंद्र कुशवाहा को महागठबंधन में आने का दिया ऑफर
पटना। पूर्व उपमुख्यमंत्री व आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने 2019 के लोकसभा चुनाव को देखते हुए एनडीए के कुनबे को तोड़ने की कवायद शुरू कर दी है। बिहार में सीट शेयरिंग के मुद्दे पर आरएलएसपी , बीजेपी और जेडीयू में पिछले कुछ समय से तनातनी चल रही है। रविवार को तेजस्वी ने ट्वीट कर सीधे तौर पर आरएलएसपी नेता और केंद्रीय राज्यमंत्री उपेंद्र कुशवाहा को महागठबंधन में शामिल होने का न्योता दे दिया। तेजस्वी ने एक के बाद एक कई ट्वीट कर भाजपा पर निशाना साधा और कुशवाहा को गठबंधन में आने का ऑफर दिया।

कुशवाहा को 4 साल से NDA में उपेक्षित किया जा रहा है
तेजस्वी ने अपने ट्वीट में लिखा कि 'केंद्रीय राज्यमंत्री श्री उपेन्द्र कुशवाहा को हम महागठबंधन में शामिल होने का न्यौता देते है। उन्हें विगत 4 साल से NDA में उपेक्षित किया जा रहा है। बीजेपी उनके साथ सौतेला और पराया व्यवहार कर रही है। इसी दौरान बीजेपी ने नीतीश जी के साथ मिलकर उनकी पार्टी को तोड़ने की साज़िश भी रची। उन्होंने लिखा, उपेन्द्र कुशवाहा जी एक बड़े सामाजिक समूह का प्रतिनिधित्व करते है लेकिन उस वर्ग से किसी को भी कैबिनेट मंत्री नहीं बनाया गया वहीं दूसरी तरफ़ केंद्र सरकार मे एक जाति के एक दर्जन से ज़्यादा कैबिनेट मंत्री है।
पिछड़े वर्ग से आने वाले कुशवाहा जी की क़ाबिलियत को BJP ने तवज्जों नहीं दी।

BJP संविधान को ख़त्म कर रही
तेजस्वी यादव ने कहा कि, उपेन्द्र कुशवाहा जी सामाजिक न्याय की धारा से आते है इसलिए उन्हें गोडसे-गोलवलकर और गांधी-अंबेडकर की दो धाराओं में से एक को चुनना होगा। BJP संविधान को ख़त्म कर रही जिससे आरक्षण स्वतः ही समाप्त हो जाएगा। कुशवाहा जी को संविधान बचाने की लड़ाई में ससमय उचित निर्णय लेना चाहिए।

एनडीए गठबंधन में फिलहाल सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है
आपको बता दें कि बिहार में बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन में फिलहाल सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। आगामी लोकसभा चुनावों को लेकर सीट शेयरिंग के मुद्दे पर सहयोगी दल दबाव की राजनीति शुरू कर चुके हैं। इनमें सबसे आगे जेडीयू और आरएलएसपी ही हैं। पिछले दिनों एनडीए की बैठक भी हुई लेकिन आरएलएसपी चीफ उपेंद्र कुशवाहा शामिल नहीं हुए।












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